17.66 एमएम बरसात से कुछ घंटों की राहत, दोपहर बाद उमसभरी गर्मी बनी आफत
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। जिले में मंगलवार को हुई औसत 17.66 एमएम बरसात के बीच चलीं ठंडी हवाओं से सुबह कुछ घंटों के लिए गर्मी से राहत मिली। लेकिन, दोपहर बाद बरसात के साथ हवा थम गई और उमस भरी गर्मी आफत बनने लगी। भले बारिश से अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस गिरावट दर्ज की गई, लेकिन देर शाम तक लोगों को उमस भरी गर्मी चुभती रही। मौसम के बदले तेवर देख खासकर धान की रोपाई में जुटे किसानों के चेहरे खिल उठे। उनकी मानें तो मौजूदा धान रोपाई में बारिश टॉनिक के रूप में हुई है। इससे रोपाई के काम में तेजी आएगी। उधर, कई स्थानों पर लोगों को जलभराव की दिक्कतों से दो-चार होते नजर आए।
बता दें कि बीते दो सप्ताह से जिले में अधिकतम तापमान 40 से 43 डिग्री सेल्सयस के बीच बना हुआ था। दिन में सूरज की तेज तपिश, गर्म हवाओं और शाम में उमसभरी गर्मी से लोग परेशान थे। सोमवार देर रात से ही मौसम के तेवर बदले नजर आने लगे थे। आसमान में बादल छा गए और हवाएं चलने लगीं, किंतु बारिश नहीं हुई। मंगलवार अलसुबह चार बजे से गरज के साथ बारिश होने लगी। इस दौरान ठंडी हवाएं भी चलीं। बीते दिनों की तुलना में तीन डिग्री सेल्सियस गिरवाट के साथ अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश से सुबह कुछ घंटों तक लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की। बारिश रुकने पर दोपहर दो बजे के बाद हवाएं थम गईं और उमसभर गर्मी लोगों पर आफत साबित हुई।
बॉक्स
बिलासपुर में सबसे अधिक और यमुनानगर में सबसे कम बारिशर
क्षेत्र बारिश(एमएम)
जगाधरी 27
छछरौली 18
बिलासपुर 36
साढौरा 25
जलभराव से हुई परेशानी
बरसात से शहर में कई स्थानों पर जलभराव की दिक्कत भी हुई। लाजपतनगर, आजादनगर, इंडस्ट्रियल एरिया, बैंक कॉलोनी, कैंप, जगाधरी में पत्थरावाला बाजार सहित कई कॉलोनियों और अन्य सड़कों पर जगह-जगह बारिश का पानी जमा हो गया। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। शहरवासी कमल, राजीव और विनोद ने बताया कि अभी कुछ ही देर बारिश हुई है, तब यह हाल हो गया।
बरसात से फायदे में गन्ना और धान, सब्जियों को नुकसान
बारिश से धान रोपाई में जुटे किसानों के चेहरे खिल उठे, जबकि सब्जी उत्पादकों को बारिश रास न आई। बारिश से कई स्थानों पर सब्जी उत्पादकों की फसलें खराब र्हुइं। सब्जी उत्पादक किसानों की मानें तो उनके क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ के रकबे में सब्जी की फसल लगाई जाती है। सुबह हुई बारिश से उनके खेतों में लगी टमाटर, शिमला मिर्च, खीरा, टिंडा आदि की फसलों पर असर पड़ा है। उन्होंने बताया कि बारिश के बाद जैसेे ही तेज धूप निकलती है तो टमाटर की फसल पर ज्यादा असर पड़ता है। टमाटर फट जाता है। बारिश ने गन्ने, धान और चारे की फसल को फायदा पहुंचाया। किसान अमरीक सिंह, अरविंद बाली, अशोक कुमार, रामकुमार, साहब सिंह, इरफान ने कहा कि यह बारिश धान और गन्ने की फसल के लिए वरदान साबित हुई है।
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गांव स्यालबा में तीन घरों में गिरी आसमानी बिजली
सरस्वती नगर। ब्लाक के गांव स्यालबा में मंगलवार सुबह साढ़े नौ बजे आसमानी बिजली गिरने से कृष्ण लाल के घर के ऊपर बने चबूतरे का लैंटर टूट गया। कृष्ण लाल ने बताया कि सुबह वे अपने घर के काम मे व्यस्त थे। अचानक आसमानी बिजली कड़की। थोड़ी देर बाद उन्होने बाहर निकल कर देखा उनके मकान के ऊपर बने चबूतरे का लैंटर टूटा हुआ था। बिजली गिरने से इंवर्टर, बिजली की फिटिंग और बिजली के अन्य उपकरण भी जल गए। पांच मिनट के अंतराल में दूसरी बार आसमानी बिजली सुभाष व प्रमोद के घर पर गिरी। उनके भी बिजली उपकरण पूरी तरह जल गए।
पहाड़ी इलाकों में बारिश से सोम नदी में उफान
बिलासपुर। पहाड़ी इलाकों में अलसुबह हुई बारिश से सोम नदी में अचानक उफान आ गया। नदी में उफान आने पर आसपास के गांव में बाढ़ का खतरा बढ़ गया। किसानों को अपनी फसल की चिंता सताने लगी है। सुबह लगभग सात बजे सोम नदी में पानी का स्तर अचानक बढ़ने लगा। हालांकि, नदी का पानी पटरी तक ही सीमित रहा। आदिबद्री के समीप सोम नदी पूरे उफान के साथ बही। ग्रामीण इरफान, राम जतन, दलीप कुमार, सुल्तान सिंह का कहना है कि यदि एरिया में कुछ देर और मूसलाधार बारिश होती तो पानी खेतों की ओर रुख कर सकता था। नदी में अपनी से मुजफत, भमनोली, खानु वाला, भमनोली सहित अनेक गांव के खेतों में पानी आने का भय बना हुआ है। उन्होंने मांग की कि जिला प्रशासन मानसून सीजन से पहले पूरे एरिया का दौरा कर स्थिति का जायजा लेकर पुख्ता प्रबंध करे।
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बारिश से घरों में घुसा पानी
साढौरा। बरसात से कस्बे के कई बाजार और मोहल्ले जलमग्न हो गए। मोहल्ला काजिया में निकासी न होने से कई घरों में पानी घुस गया। इससे लोगों का घरेलू सामान खराब हो गया। मोहल्ला काजिया निवासी सुदेश, यामीन एवं दिलशाद ने बताया कि घरों में पानी घुस गया। मोहल्ले की गलियों में कई फुट पानी जमा हो गया। डेहा बस्ती के भी कई घरों में पानी घुस आया। जयमल कालोनी के खाली पड़े प्लॉटों से पानी गलियों में आ गया। कस्बे में मुख्य बाजार में भी कई फुट पानी जमा रहा। वाल्मीकि बस्ती की दूसरी साइड में साथ लगते नाले का पानी बस्ती में प्रवेश कर गया। बस्ती निवासी चरणदास ने बताया कि बस्ती के साथ लगते नाले की सही खुदाई न होने से नाले से गंदा पानी गुजर नहीं पा रहा है। सरपंच शीला देवी ने बताया कि गंदे नालों की सफाई का काम नियमित रूप से चलाया जा रहा है।