संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। विश्वकर्मा चौक समीप कैंप निवासी वीर जैसा नाम है, वैसा ही मुकाम भी हासिल कर रहा है। कुश्ती में स्कूल स्टेट गेम्स में वर्ष-2023 में रजत फिर वर्ष-2024 में स्वर्ण पदक जीतने के बाद वीर ने जिला कुमार खिताब भी जीत लिया है। यह मुकाम वीर ने गत सप्ताह तेजली खेल परिसर में हुई जिला अखाड़ा प्रतियोगिता में पाया।
फ्रीस्टाइल कुश्ती में 13 साल के वीर ने अपने नाम के अर्थ यानी योद्धा जैसा काम किया और अपने से आठ साल अधिक उम्र के पहलवान को हराकर खिताब अपने नाम किया। वीर की बहादुरी देख पिता विजय कुमार का सीना चोड़ा हो गया। पूरा परिवार भी वीर की उपलब्धि पर नाज महसूस कर रहा है।
छह साल की उम्र से खेल रहे वीर, स्कूल स्टेट में जीते स्वर्ण व रजत- वीर के पिता विजय कुमार ने बताया कि उनका ट्रांसपोर्ट का काम है। साथ ही वाशिंग सेंटर है। वीर जब छह साल का था, तब उनकी कुश्ती कोच अमित कुमार से मुलाकात हुई थी। कोच अमित कुमार ने ही वीर को कुश्ती खेल स्पर्धा सीखने के लिए कहा था। तभी से वीर कोच अमित कुमार से कुश्ती के प्रशिक्षण में सुबह-शाम अभ्यास कर रहा है।
साल साल के खेल में वीर राज्य स्तर पर दो पदक ला चुका है। इनमें हरियाणा स्कूल स्टेट गेम्स में वर्ष-2023 में रजत और वर्ष-2024 में स्वर्ण पदक आया। इसके अलावा वीर अंडर-14 में नेशनल के लिए क्वालीफाई कर चुका है। अब वीर ने तेजली खेल परिसर में जिला अखाड़ा प्रतियोगिता के फाइनल में 13 साल के वीर ने करीब 21 साल के खिलाड़ी को 11-0 से हराया।
इससे वीर को जिला कुमार खिताब मिला है। वीर का सपना देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने व पदक जीतने का है, जिसके लिए सुबह-शाम कड़ा अभ्यास कर रहा है। अभी तक की वीर की उपलब्धि पर परिवार को गर्व महसूस हो रहा है। पूरा विश्वास है कि आगे भी बेहतर खेल प्रदर्शन से वीर अपने सपने को जरूर साकार कर दिखाएगा।