संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना नगर। गोराबणी के जंगल से खैर तस्करों ने खैर के दस पेड़ चोरी कर लिए हैं। जंगल से चोरी हुए पेड़ काफी पुराने व भारी भरकम बताएं गए हैं। तस्करों द्वारा काटे गए सभी पेड़ों का वजन करीब एक सौ क्विंटल व कीमत करीब दस लाख रुपये आंकी गई है। वन विभाग ने चोरी हुए पेड़ों की डैमेज रिपोर्ट काट कर खानापूर्ति कर दी है।
वहीं अब जंगल व पेड़ों को बचाने के लिए ग्रामीणों ने कमर कस ली है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के जंगल से पेड़ों की चोरी रोकने व लापरवाह कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए वे जल्द ही गांव के मौजिज लोगों की कमेटी बनाकर पंचकूला वन विभाग के हेड ऑफिस जाकर उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत कराएंगे। ग्रामीण रमजान, सुलेमान, असलम, मांगाराम नंबरदार, रमजान, साहिल, अमीर हसन, लीलूदीन ने बताया कि गोराबणी का जंगल कलसिया रेंज छछरौली में पड़ता है।
जंगल से पहले भी कई बार पेड़ चोरी होने के मामले सामने आ चुके हैं। इस बार तो तस्करों ने विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही का फायदा उठाते हुए जंगल से कई अवैध पेड़ों का कटान किया है। गांव के जंगल से एक साथ चोरों ने पुराने व बेशकीमती खैर के दस पेड़ चोरी कर लिए हैं। तस्करों द्वारा चोरी किए गए पेड़ों का वजन करीब 100 क्विंटल के लगभग है। जिसकी कीमत 10 लाख के करीब बनती है।
ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से बेशकीमती पेड़ों की चोरी रोकने के लिए मौजूदा कर्मचारियों को कई बार अवगत करा चुके हैं। उसके बावजूद भी कोई कदम नहीं उठाया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से इतनी ज्यादा संख्या में पेड़ काटने का मामला गंभीर है। इससे पहले कभी भी एक साथ इतने पेड़ जंगल से नहीं कटे हैं।
इस बारे में छछरौली वन रेंज अधिकारी सुशील का कहना है कि गोराबणी जंगल से चोरों ने पांच पेड़ चोरी कर लिए थे। जिनकी डैमेज रिपोर्ट काट दी गई थी। अगर जंगल से और भी पेड़ चोरी हुए हैं तो इसके बारे में मौके का मुआयना किया जाएगा और लापरवाह कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में जिला वन अधिकारी सूरजभान चंदेला का कहना है कि उनको इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। इस संबंध में रेंज अधिकारी से रिपोर्ट मंगवाई जाएगी। अगर पेड़ चोरी हुए हैं तो उचित कार्रवाई की जाएगी।