शीतलहर से निपटने के लिए एक्शन प्लान लागू
हरियाणा सरकार के डिजास्टर विभाग ने शीतलहर से निपटने के लिए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने संबंधित विभागों को एक्शन प्लान लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए विभाग की ओर से सभी विभागों को उचित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। विभाग के मुताबिक शीतलहर खासकर बुजुर्गों, बच्चों, दिव्यांगजनों, बाहरी कामगारों और बेघरों के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है। विभाग के मंत्री विपुल गोयल की ओर से सभी जिले के उपायुक्तों, संबंधित विभागों, आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों और सामुदायिक संगठनों से कहा गया है कि वे इस एक्शन प्लान को प्रभावी ढंग से लागू करें।
शीतलहर से शरीर में क्या प्रभाव पड़ता है
सर्दी-जुकाम के लंबे समय तक संपर्क में रहने से फ्लू, नाक बहना/बंद होना या नाक से खून आना जैसी विभिन्न बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है, जो आमतौर पर सर्दी-जुकाम के कारण शुरू होती हैं या बढ़ जाती हैं। कंपकंपी को नजरअंदाज न करें। यह शरीर की गर्मी कम होने का पहला संकेत है। लंबे समय तक ठंड के संपर्क में रहने से फ्रॉस्टबाइट हो सकती है। त्वचा पीली, सख्त और सुन्न हो जाती है। उंगलियों, पैर की उंगलियों, नाक और कान के निचले हिस्से जैसे खुले शरीर के अंगों पर काले छाले दिखाई देने लगते हैं। गंभीर फ्रॉस्टबाइट के लिए तत्काल चिकित्सा सहायता और उपचार की आवश्यकता होती है।