हरियाणा के जिला रेवाड़ी के गांव धनिया के ग्रामीणों ने स्कूल में रात को रंगरलियां मनाते चौकीदार को धर दबोचा। आरोपी गांव के सरपंच का बेटा है।
स्थानीय लोगों की सूचना पर सालावास पुलिस ने जब कोई कार्रवाई नहीं की तो वे आग-बबूला हो उठे और सुबह-सुबह ही स्कूल को ताला जड़ दिया।
स्कूल को ताला लगाने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया और अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस प्रशासन की ओर से तीन घंटे के बाद कार्रवाई किए जाने पर ही ग्रामीणों ने स्कूल का ताला खोला।
ग्रामीण जय सिंह ने कहा कि आरोपी चौकीदार गांव के सरंपच का बेटा है। बीती रात चौकीदार स्कूल में रंगरलियां मना रहा था।
इसकी भनक लगते ही ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को एक महिला के साथ रगंरलियां मनाते धर दबोचा।
प्रेम प्रसंग का मामला, हम कुछ नहीं कर सकते
ग्रामीणों ने मामले की जानकारी पुलिस थाना सालावास को दी, लेकिन मौके पर पुलिस नहीं आई। पुलिस का कहना था कि प्रेम प्रंसग का मामला है, इसमें दोनों की रजामंदी है तो हम कुछ नहीं कर सकते।
इससे ग्रामीणों में रोष फैल गया और सोमवार सुबह स्कूल खुलने के समय जय सिंह के नेतृत्व में राजेंद्र, रामकिशन, मक्खन, सुधीर, कृष्ण समेत कई लोगों ने एकत्रित होकर स्कूल के मुख्याध्यापक जोगेंद्र सिंह को घटना से अवगत कराया, लेकिन मुख्याध्यापक ने भी मदद करने से इंकार कर दिया तो उनका गुस्सा और भड़क गया।
ताला जड़ तो भागी आई पुलिस
स्कूल पर ताला लगाने की सूचना पाकर सालावास पुलिस दलबल सहित मौके पर पहुंची और स्कूल का ताला खुलवाने का प्रयास किया।
ग्रामीण नहीं माने तो मुख्याध्यापक ने शिक्षा अधिकारी को मामले से अवगत कराया। जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की।
करीब तीन घंटे की मंत्रणा के बाद ग्रामीण चौकीदार को तुरंत प्रभाव से हटा देने पर ताला खोलने को राजी हो गए। पुलिस गांव में स्थिति पर नजर रखे हुए है।
चौकीदार दिलबाग ने इस मामले को राजनीति से प्रेरित बताते हए कहा कि उसे गांव के कुछ लोग चौकीदार के पद से हटवाने के प्रयास में थे, जिन्होंने यह योजना बनाकर षड्यंत्र रचा है।