हरियाणा सरकार और पर्यावरण विभाग ने थर्मल प्लांट की राख को खपाने के लिए इसे सड़क निर्माण में अनिवार्य कर दिया है। सड़क के लिए खुदाई करने के बाद पहले प्लांट की फ्लाई ऐश डाली जाएगी।
उसके बाद मिट्टी और फिर सड़क निर्माण की सामग्री का इस्तेमाल होगा। इससे एक तो मिट्टी की बचत होगी और दूसरे थर्मल की ऐश उड़कर पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाएगी। ऐसा होने के बाद प्रदेशभर के थर्मल प्लांटाें में पड़ी राख की खपत हो सकेगी।
फतेहाबाद में निर्माणाधीन बाईपास में फ्लाई ऐश का प्रयोग किया जा रहा है। हिसार चुंगी से सिरसा चुंगी तक बनने वाले बाईपास का साढे़ तीन किलोमीटर का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है।
अब लोक निर्माण विभाग ने भोड़ियाखेड़ा नहर से नई अनाजमंडी सिरसा रोड तक साढे़ तीन किलोमीटर का काम शुरू कर दिया है। सड़क के लिए दो मीटर जमीन की खुदाई की गई है। पहले डेढ़ मीटर फ्लाई ऐश डाली जाएगी।
उसके बाद आधा मीटर मिट्टी और उसके बाद सड़क निर्माण की सामग्री प्रयुक्त की जाएगी। बाईपास में इन दिनाें यह कार्य चल रहा है।
खेदड़ प्लांट में पड़ी राख से लोग खासे दु:खी हैं।
थोड़ी सी हवा चलने से ही लोगाें के घराें में धूल भर जाती है। इससे उन्हें सांस की तकलीफ होती है। लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता सुभाष भाभू ने बताया कि सरकार के निर्देश पर सड़क निर्माण से पहले राख डाली जा रही है।
इस बाईपास पर 12 करोड़ 82 लाख की लागत आएगी और मार्च तक काम पूरा हो जाएगा।