खेलाें में अपना कॅरिअर बनाने की चाहत रखने वालाें की पहली पसंद हरियाणा है। यहां की इनामी राशि और खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाएं इसकी बड़ी वजह हैं। यही कारण है कि पंजाब और चंडीगढ़ के खिलाड़ी भी हरियाणा से खेलने को वरीयता दे रहे हैं। इसके लिए जरूरी है कि या तो खिलाड़ी हरियाणा का मूल निवासी हो या कम से कम पांच साल से प्रदेश में रह रहा हो।
पंजाब में ओलंपिक पदक विजेता को ढाई करोड़ रुपये मिलते हैं तो चंडीगढ़ में पांच करोड़ रुपये। हरियाणा में यह राशि छह करोड़ रुपये है। पंचकूला से नेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले जूनियर खिलाड़ी के लिए भी डेढ़ लाख रुपये का प्रावधान है। इसीलिए ज्यादातर खिलाड़ी यहां से प्रतिभागिता करना चाहते हैं।
एक वजह यह भी है कि पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में खेल की ज्यादातर सुविधाएं मुहैया करवा दी गईं हैं। इस वजह से खिलाड़ियों को यहां अभ्यास करने में काफी सुविधा होती है। पंचकूला के इस स्टेडियम में वुशु, ताइक्वांडो, बाक्सिंग, वॉलीबाल, हॉकी, बैडमिंटन के साथ अन्य खेलों की सुविधाएं हैं।
पंचकूला में नीरज चोपड़ा के गोल्ड मेडल जीतने के बाद तो सेंटर में खिलाड़ियों की बहार आ गई है। हमारे स्टेडियम में करीब साढ़े चार सौ बच्चे रोजाना अभ्यास करते हैं। इसमें से ज्यादातर एथलीट हैं। हरियाणा ने जबसे मूल निवास की अवधि को 15 साल से घटाकर पांच वर्ष किया, उसके बाद पंजाब, चंडीगढ़ से भी काफी खिलाड़ी यहां आने लगे हैं। - नसीम अहमद, जिला खेल अधिकारी, हरियाणा
एक नजर पदक विजेताओं की इनामी राशि पर
हरियाणा
| स्वर्ण पदक |
छह करोड़ |
| रजत पदक |
चार करोड़ |
| कांस्य पदक |
ढाई करोड़ |
| स्वर्ण पदक |
तीन लाख |
| रजत पदक |
दो लाख |
| कांस्य पदक |
एक लाख |
| स्वर्ण पदक |
2.25 लाख |
| रजत पदक |
1.50 लाख |
| कांस्य पदक |
75 हजार |
- नेशनल चैंपियनशिप सब जूनियर
| स्वर्ण पदक |
1.50 लाख |
| रजत पदक |
1 लाख |
| कांस्य पदक |
50 हजार |
| स्वर्ण पदक |
5 लाख |
| रजत पदक |
4 लाख |
| कांस्य पदक |
3 लाख |
| स्वर्ण पदक |
3.75 लाख |
| रजत पदक |
3 लाख |
| कांस्य पदक |
2.25 लाख |
- एशियन चैंपियनशिप सब जूनियर
| स्वर्ण पदक |
2.50 लाख |
| रजत पदक |
2 लाख |
| कांस्य पदक |
1.50 लाख |
| स्वर्ण पदक |
20 लाख |
| रजत पदक |
15 लाख |
| कांस्य पदक |
10 लाख |
| स्वर्ण पदक |
15 लाख |
| रजत पदक |
11.25 लाख |
| कांस्य पदक |
7.50 लाख |
- वर्ल्ड चैंपियनशिप सब जूनियर
| स्वर्ण पदक |
10 लाख |
| रजत पदक |
7.50 लाख |
| कांस्य पदक |
5 लाख |
- स्पोर्ट्स ग्रेडेशन सर्टिफिकेट पर नौकरी
ग्रेड-ए : सभी ग्रुप की नौकरी के लिए योग्य होंगे
ग्रेड-बी : ग्रुप-ए के अलावा बाकी ग्रुप की नौकरी
ग्रेड-सी: ग्रुप-सी और डी की नौकरियां
ग्रेड-डी: ग्रुप-डी की नौकरी
- इन खेलों में जरूरी है हरियाणा का डोमिसाइल
ओलंपिक, पैरा ओलंपिक, यूथ ओलंपिक, 4 वर्ष में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप, एशियन गेम्स, पैरा एशियन, यूथ एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स (पैरा एथलीट)।
चंडीगढ़
| स्वर्ण पदक |
5 करोड़ |
| रजत पदक |
3 करोड़ |
| कांस्य पदक |
2 करोड़ |
| स्वर्ण पदक |
21 लाख |
| रजत पदक |
11 लाख |
| कांस्य पदक |
7 लाख |
| स्वर्ण पदक |
7 लाख |
| रजत पदक |
5 लाख |
| कांस्य पदक |
3 लाख |
| स्वर्ण पदक |
7 लाख |
| रजत पदक |
5 लाख |
| कांस्य पदक |
3 लाख |
| स्वर्ण पदक |
10 लाख |
| रजत पदक |
7.5 लाख |
| कांस्य पदक |
5 लाख |
| स्वर्ण पदक |
7 लाख |
| रजत पदक |
5 लाख |
| कांस्य पदक |
3 लाख |
- एशियन/ कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप/कप
| स्वर्ण पदक |
4 लाख |
| रजत पदक |
3 लाख |
| कांस्य पदक |
2 लाख |
| स्वर्ण पदक |
5 लाख |
| रजत पदक |
3 लाख |
| कांस्य पदक |
2 लाख |
- सेफ गेम्स/एफरो एशियन गेम्स
| स्वर्ण पदक |
3 लाख |
| रजत पदक |
2 लाख |
| कांस्य पदक |
1 लाख |