संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। शिक्षा विभाग की ओर से चलाए गए निपुण रामलीला कार्यक्रम के तहत जिले के सभी प्राथमिक विद्यालयों में सोमवार को निपुण रामलीला का आयोजन किया गया। इसमें पहली से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर रामायण के विभिन्न किरदारों की भूमिका निभाई। संवाद बोलकर प्रतिभा दिखाई।
बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफएलएन) के जिला समन्वयक मनोज वर्मा ने बताया कि शिक्षा विभाग की तरफ से चलाए गए निपुण रामलीला कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नन्हे विद्यार्थियों में सुनने, बोलने, पढ़ने व याद रखने के कौशल को विकसित करना है। जिसे बच्चे रोल प्ले के माध्यम से विभिन्न किरदारों को निभा कर बेहतर तरीके से कर पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि दो वर्षों में निपुण रामलीला गतिविधि आधारित निपुण लक्ष्यों को प्राप्त करने में एक अहम भूमिका निभा रही है। जिससे न केवल विद्यालयों व विद्यार्थियों में बल्कि माता-पिता और पूरे समुदाय पर एक सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। विद्यार्थियों के भाषा विकास और संचार कौशल को बढ़ाने के लिए निपुण रामलीला एक बहुत महत्वपूर्ण स्रोत बनकर सामने आया है। जिसका विद्यार्थियों को बहुत फायदा मिल रहा है।
दो सप्ताह पहले शुरू कर दी थी तैयारी
शिक्षा विभाग की तरफ से निपुण रामलीला के मंचन को लेकर करीब दो सप्ताह पहले रिहर्सल शुरू कर दी थी। शिक्षकों के साथ रामायण के विभिन्न दृश्य साझा किए गए थे, जिसकी तैयारियां सभी प्राथमिक विद्यालयों में करवाई जा रही थी। सोमवार को शिक्षकों की मदद से विद्यार्थियों ने रोल प्ले के माध्यम से संपूर्ण वेशभूषा में विभिन्न किरदारों को निभाया। इस दौरान विद्यार्थियों के अभिभावक भी स्कूलों में मंचन देखने पहुंचे थे।
वर्जन
-जिले की सभी राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं में निपुण रामलीला का मंचन किया गया। इसमें नन्हें विद्यार्थियों ने विभिन्न किरदार निभाते हुए बेहतर तरीके से संवाद बोले। इस दौरान अभिभावक भी मौजूद रहे। इन गतिविधियों से विद्यार्थियों में याद करने, शुद्ध उच्चारण करने के कौशल को बढ़ावा मिलेगा। -जितेंद्र छिक्कारा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, सोनीपत