यमुना नदी किनारे हवन करते यमुना बचाओ अभियान नोबेल ट्रस्ट के सदस्य।
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राई। यमुना नदी में लगातार बढ़ते प्रदूषण को रोकने और जीवन में जल की महता के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से यमुना नदी के तट पर हवन कर यमुना बचाओ अभियान की शुरुआत की गई। इस दौरान यमुनानगर से पलवल तक दो करोड़ औषधीय पौधे लगाने का संकल्प लिया गया।
रविवार को यमुना बचाओ अभियान नोबेल ट्रस्ट की तरफ से गढ़ मिरकपुर घाट के पास हवन किया गया। आयोजक प्रवीण घुसकानी व प्रोमिला आर्या ने बताया कि भारतीय संस्कृति में गंगा-यमुना और सरस्वती को पवित्र नदी माना गया है। वेदों में इन नदियों की महता के बारे में बताया गया है। वर्तमान में यमुना नदी में अक्सर जल नहीं रहता। जल बिना जीवन संभव नहीं है। यमुना को बचाने और स्वच्छ करने लिए यमुना बचाओ अभियान की शुरुआत की गई है। उन्होंने बताया कि यमुना नदी के तटों पर 2 करोड़ औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। पौधे लगाने के महाभियान की शुरुआत दिल्ली से की जा चुकी है। जिससे किनारों का कटाव रोका जा सके। अभियान के तहत यमुना नदी के किनारों पर अवैध खनन रोकने और साथ लगते गांवों को इस मुहिम से जोड़ा जा रहा है। कार्यक्रम में भाजपा नेत्री किरणबाला सिंह ने भी जल बचाने के संकल्प में सभी की भागीदारी होने की बात कही। इस दौरान पंडित लक्ष्मण बालयोगी, हरिनारायण, कुलदीप दहिया, महंत भोलदास, सुनीता बरोणा, ईश्वर मलिक माहरा, त्रिलोक दहिया मौजूद रहे।