बजरंग पूनिया ने अपना पद्म सम्मान लौटा दिया है
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ओलंपियन बजरंग पूनिया को चार साल पहले जब पद्मश्री से नवाजा गया था तो उन्होंने इसे अविस्मरणीय पल बताया था। आज कुश्ती विवाद में देश के स्टार पहलवान बजरंग पूनिया ने बड़ा कदम उठाते हुए पद्मश्री अवॉर्ड लौटा दिया है। वह कुश्ती संघ चुनाव में बृजभूषण सिंह शरण पक्ष के संजय सिंह के अध्यक्ष चुने जाने से नाराज थे।
पहलवान बजरंग पूनिया ने वर्ष 2019 में पद्मश्री सम्मान मिलने पर खुशी जताई थी। उन्होंने कहा था इससे मुझे खुशी और गौरव की अनुभूति हो रही है। इस सम्मान ने जिम्मेदारी बढ़ा दी है। मेरे सामने 2020 का टोक्यो ओलंपिक और अन्य कई प्रतियोगिताएं हैं। कोशिश रहेगी कि हर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीत कर दूं।
पदक मिलने से एक साल पहले एशियन गेम्स में सोना जीतने वाले बजरंग ने कहा था कि सम्मान से खिलाड़ी को भविष्य में और अधिक मेहनत करने की ऊर्जा मिलती है। अब उसी सम्मान को उन्होंने लौटा दिया है। वह पदक को प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर फुटपाथ पर रखकर आ गए। पदक लौटाने से खेल प्रेमी भी आहत हैं। उनका मानना है कि कठिन हालात में ही इस तरह का बड़ा कदम उठाया जाता है। मूलरूप से झज्जर के गांव खुड्डन निवासी बजरंग पूनिया का परिवार अब सोनीपत में मॉडल टाउन में रहता है।
वह महज 11 साल की उम्र में गांव छारा गांव में विरेंद्र पहलवान के अखाड़े में जाने लगे थे। वहां अखाड़े में ही पहली बार उन्होंने मैट देखा था। कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फलक पर अपनी पहचान बनाई है। इससे एक दिन पहले ही उनके साथ दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाली अंतरराष्ट्रीय पहलवान साक्षी मलिक ने कुश्ती को अलविदा कहकर खेल प्रेमियों को सकते में डाल दिया था।
बजरंग पूनिया की उपलब्धियां
- विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में एक रजत व तीन कांस्य
- राष्ट्रमंडल खेल में दो स्वर्ण व एक रजत
- टोक्यो ओलंपिक में कांस्य
- बजरंग पूनिया को मिले पुरस्कार
वर्ष पदक
- 2015 अर्जुन पुरस्कार
- 2019 पद्मश्री पुरस्कार
- 2019 राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार
- 2020 फिक्की इंडिया स्पोट्र्स अवाड्र्स