मंगोलिया के उलानबटोर में शुरू हुई सीनियर एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप के पहले ही दिन सोनीपत के पहलवानों ने अपना डंका बजाया। हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव डबरपुर के पहलवान सुनील और जुआं के पहलवान नीरज ने कांस्य पदक जीतकर देश की झोली में डाले। पहलवानों के पदक जीतने पर परिजनों में खुशी की लहर है।
मंगलवार को उलानबटोर में शुरू हुई सीनियर एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप के पहले दिन 87 किलो ग्राम भारवर्ग में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए डबरपुर के पहलवान सुनील ने कांस्य पदक जीता। सुनील की उपलब्धि से परिवार में खुशी की लहर है। हालांकि वह दिल्ली में वर्ष 2020 में हुई सीनियर एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में अपने प्रदर्शन को मंगोलिया में नहीं दोहरा सके और कांस्य से संतोष करना पड़ा। दिल्ली में उन्होंने स्वर्ण जीता था।
सुनील मलिक की मां अनीता देवी का कहना है कि हमें उसकी उपलब्धि पर गर्व है। किसान परिवार से संबंध रखने वाले सुनील मलिक जब कक्षा पांचवीं में थे, तभी से उन्होंने पहलवानी में हाथ आजमाना शुरू किया था। उन्होंने सबसे पहले निडानी में कुश्ती की तैयारी शुरू की। इसके बाद सुनील ने खरखौदा के प्रताप अकादमी में कुश्ती का प्रशिक्षण लिया, फिर रोहतक में मेहर सिंह अखाड़े में कुश्ती की तैयारी करते रहे।
सुनील इससे पहले भी वर्ष 2018 में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक, 2019 में हुई विश्व रैंकिंग सीरीज में रजत व वर्ष 2019 में हुई सीनियर एशियाई चैंपियनशिप में रजत पदक जीत कर देश का मान बढ़ा चुके हैं। उनके पिता अश्वनी मलिक का निधन हो चुका है। वह दिल्ली एमसीडी में कार्यरत थे। उनके निधन के बाद सुनील मलिक के बड़े भाई सुमित मलिक ने परिवार की जिम्मेदारी को संभाला है। वहीं सुनील के छोटे भाई नितिन नेवी में हैं।
वहीं सोनीपत के गांव जुआं के पहलवान नीरज छिक्कारा ने ग्रीको रोमन वर्ग में 63 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य पदक जीता है। उनके पदक जीतने पर गांव जुआं में खुशी की लहर है। उनके साथ गए प्रशिक्षक अनिल खत्री ने बताया कि नीरज व सुनील ने कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है।
नीरज की जीत पर उनके पिता नरेंद्र छिक्कारा, बड़े भाई प्रदीप व लीलू भी उत्साहित है। कोरोना में मां को खोने के बाद उनके घर में बड़ी खुशी आई है। वहीं जुआं कुश्ती अकादमी में भी नीरज की जीत पर खुशी की लहर है। प्रशिक्षक संजीत छिक्कारा, वरिष्ठ प्रशिक्षक बलवंत सिंह छिक्कारा, राजबीर छिक्कारा, डालमिया कोच ने नीरज को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।