भारतीय ओलंपिक संघ की पहली बैठक में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए ओलंपियन पहलवान योगेश्वर दत्त ने खिलाड़ियों से जुड़े दो प्रमुख मुद्दे उठाए। यह बैठक सोमवार को नई दिल्ली में हुई। इस दौरान योगेश्वर दत्त ने प्रदेश में होने वाले विभिन्न खेलों के ट्रायल में भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) का प्रतिनिधि नियुक्त करने की मांग रखी। वहीं संघ का ध्यान जूनियर खिलाड़ियों की आर्थिक मदद मुहैया करवाने की तरफ भी खिंचा। ताकि खिलाड़ियों की बेहतर पौध तैयार की जा सके।
भारतीय ओलंपिक संघ की नई कार्यकारिणी का चयन होने के बाद नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में यह पहली बैठक हुई। जिसमें संघ के सभी पदाधिकारी मौजूद रहे। हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए सोनीपत निवासी पहलवान योगेश्वर दत्त ने कहा कि प्रदेश में होने वाले विभिन्न खेलों के ट्रायल में खिलाड़ी पक्षपात का आरोप लगाते रहे हैं।
उन्होंने सुझाव दिया कि अगर भारतीय ओलंपिक संघ ट्रायल में अपना प्रतिनिधि नियुक्त कर दे तो इस प्रकार के आरोप लगने बंद हो सकते हैं। इसके अलावा योगेश्वर दत्त ने जूरियर खिलाड़ियों की भी पैरवी की। उन्होंने कहा कि संघ पहले जहां वरिष्ठ खिलाड़ियों को स्पांसर करता रहा है, वहीं कनिष्ठ खिलाडिय़ों की भी आर्थिक मदद करने की तरफ कदम बढाने की जरूरत है।
ताकि आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को निखार सके। संघ को इन खिलाड़ियों की मदद के लिए छात्रवृत्ति शुरू करनी चाहिए।
ओलंपिक में सभी खेलों को शामिल करने का उठा मुद्दा
भारतीय ओलंपिक संघ की पहली बैठक में ओलंपिक में शामिल सभी खेलों को मंजूरी देने का मुद्दा उठाया गया। योगेश्वर दत्त ने कहा कि ओलंपिक में शामिल सभी खेलों में से सात-आठ खेलों को भारतीय ओलंपिक संघ की मंजूरी नहीं है। अधिकारियों ने कहा कि ओलंपिक में शामिल सभी खेलों को भारतीय ओलंपिक संघ को मंजूरी देनी चाहिए। योगेश्वर दत्त ने बताया कि संघ के पदाधिकारियों ने सभी मुद्दों पर गहनता से चर्चा कर नोट कर लिया है। अब संघ विभिन्न फेडरेशनों के साथ इन मुद्दों पर गहनता से विचार विमर्श किया जाएगा। जिसके सकारात्मक परिणाम आने की उम्मीद है।