कनीना। लाला शिवलाल धर्मशाला में आयोजित गणपति उत्सव के आठवें दिन गणपति महाराज की पूजा की गई। इस दौरान धर्मशाला में श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की विधिवत पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना की। राधा अष्टमी के अवसर पर महिला श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम में समाजसेवी ठाकुर अतरलाल ने कहा कि भगवान गणेश को बुद्धि, विवेक और ज्ञान का दाता माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश का स्मरण करने की परंपरा है। गणेश जी विघ्नों को दूर करने वाले देवता हैं और उनकी आराधना से मनुष्य को सकारात्मक ऊर्जा तथा सद्बुद्धि की प्रेरणा मिलती है।