फोटो 07- प्रो. श्रीप्रकाश सिंह, कुलपति, डीसीआरयूएसटी, मुरथल।
सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल के क्लाइमेटोलॉजी लैब, वास्तुकला और योजना विभाग, आईआईटी रुड़की के सहयोग से विश्वविद्यालय में पांच दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला 25 फरवरी तक चलेगी। कार्यशाला में 55 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।
डीसीआरयूएसटी मुरथल के वास्तुकला विभाग की तरफ से 21 से 25 फरवरी तक भवन निर्माण विज्ञान और शहरी जलवायु पर पांच दिवसीय कार्यशाला का आयोजन कर रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को शहरी जलवायु, भवन भौतिकी और टिकाऊ डिजाइन रणनीतियों का गहन ज्ञान प्रदान करना है, जिससे लचीले शहरी विकास के लिए नवीन समाधानों को बढ़ावा दिया जा सके। कार्यशाला को कुलपति प्रोफेसर श्रीप्रकाश सिंह ने जलवायु-सचेत वास्तुशिल्प प्रथाओं को बढ़ावा देने में अकादमिक पहल के महत्व पर जोर दिया। कुलपति ने कहा कि 125 पंजीकरणों में से डीसीआरयूएसटी मुरथल, गेटवे कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर एंड डिजाइन और हिंदू कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर एंड डिजाइन के 55 प्रतिभागियों को चुनिंदा समूह को प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए चुना है। डॉ. मनोज पंवार ने कहा संरचित सत्र में शहरी जलवायु विश्लेषण, शहरी गर्मी और आराम मूल्यांकन, वायु प्रदूषण अध्ययन और टिकाऊ इमारतों के लिए ऊर्जा प्रदर्शन मूल्यांकन पर मॉड्यूल शामिल हैं। अंतिम सत्र में व्यावहारिक, शोध-आधारित शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यावहारिक अभ्यासों पर चर्चा और प्रस्तुतियां दी जाएंगी।