गन्नौर। शहर की गलियों व सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा गोवंश से अब लोगों को राहत मिलनी शुरू हो गई है। नगरपालिका की ओर से निकाले गए टेंडर को अलाॅट कर दिया गया है। एजेंसी ने गोवंश को पकड़ने का काम शुरू कर दिया है। टेंडर मिलने से एजेंसी अगले दो वर्ष तक गोवंश की पकड़ने का कार्य करेगी। नगरपालिका की ओर से प्रति गोवंश पकड़ने पर 1110 रुपये का भुगतान किया जाएगा।
नपा अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए गोवंश की टैगिंग करने के बाद सोनीपत की नंदीशाला में भेजा जाएगा, जहां उन्हें सुरक्षित आश्रय मिल सकेगा। गन्नौर की गोशालाओं में पहले से ही गोवंशों के लिए जगह मुहैया नहीं है। ऐसे में बेसहारा गोवंश गलियों व सड़कों पर घूम रहे हैं। इससे न केवल यातायात में बाधित हो रहा है, बल्कि लोगों की सुरक्षा व सफाई व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है।
गोवंश पकड़ने के लिए चार एजेंसियों ने टेंडर भरे थे। पहले जिस एजेंसी को टेंडर दिया जाना था, उसके दस्तावेज में कमी पाई गई थी, इस वजह से उस एजेंसी को टेंडर नहीं मिल पाया। ऐसे में दूसरी एजेंसी को टेंडर अलाॅट कर दिया गया है। एजेंसी ने गोवंश पकड़ने का काम भी शुरू कर दिया है।-प्रदीप खर्ब, सचिव, नगरपालिका, गन्नौर