जूनियर वल्र्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने के बाद दीपक पूनिया
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सोनीपत। हरियाणा के झज्जर जिले के रहने वाले दीपक पूनिया के सहारे जूनियर कुश्ती में भारत 18 साल बाद वर्ल्ड चैंपियन बना है। जहां दीपक ने 18 साल बाद भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाया है, वहीं एक इतिहास अपने नाम के साथ भी जोड़ लिया है। 18 साल की उम्र में जूनियर वर्ल्ड चैंपियन बनने वाले दीपक पूनिया पहले पहलवान हैं। दीपक से पहले 2001 में पलविंदर चीमा व रमेश गुलिया ने देश के लिए वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। दीपक की इस उपलब्धि भारतीय कुश्ती संघ के साथ ही वर्ल्ड के नंबर वन पहलवान बजरंग पूनिया ने बधाई दी।
एस्तोनिया के ताल्लिन में 12 से 18 अगस्त तक चल रही जूनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में झज्जर जिले के छारा गांव के रहने वाले दीपक पूनिया ने देश को 18 साल बाद गोल्ड मेडल दिलाया है। दीपक पूनिया ने 86 किलो भार वर्ग में लड़ते हुए गोल्ड मेडल जीता है, जिसने फाइनल में रसिया के एलिक सेब्जिकोव को हराया है। दीपक पूनिया कैडेट रेसलिंग खेलते हुए भी देश के लिए कई मेडल जीत चुका है। उसने 2016 में कैडेट वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड जीता था तो वर्ष 2018 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीत सका था। दीपक के मेडल जीतने पर भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष ब्रजभूषण शरण के साथ ही ओलंपिक मेडलिस्ट योगेश्वर दत्त व बजरंग पूनिया ने बधाई दी।