कड़े संघर्ष से लिखी जिंदगी की गाथा
नेहा गोयल ने महज सात वर्ष की छोटी सी आयु से अपने संघर्ष की शुरुआत की थी। नेहा बताती हैं कि वह तीन बहनें हैं। मां सावित्री देवी ने हमारा पालन पोषण किया। हमारी छोटी-छोटी खुशियों को पूरा करने के लिए उन्होंने फैक्ट्री में काम किया। वह जब छठी कक्षा में थी तो यह सोचकर हॉकी स्टिक थामी थी कि अच्छे जूते और कपड़े मिलेंगे। यह कभी नहीं सोचा था कि यह हॉकी स्टिक उनकी जिंदगी ही बदल देगी। प्रशिक्षक प्रीतम सिवाच ने उनके अंदर छिपी प्रतिभा को पहचाना और तराशते हुए बेहतर प्रशिक्षण दिया। उनके आशीर्वाद वे आज वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हॉकी खेलने में कामयाब रही। नेहा गोयल आज किसी पहचान की मोहताज नहीं है और एक सितारा बनकर चमक रही हैं।
शादी ने दोगुना कर दी जीत की खुशी
महिला एशिया चैंपियंस ट्रॉफी में स्वर्ण पदक जीतकर सोनीपत लौटी नेहा अपनी शादी की रस्मों में जुटी हुई हैं। नेहा बताती हैं कि लगातार दूसरी बार एशियन चैंपियन ट्रॉफी जीतने के बाद शादी की खुशी भी दोगुनी हो गई है। देश के लिए जिम्मेदारी निभाने के बाद अब शादी की तैयारियों में लगी हुई हैं। नेहा बताती हैं कि आधुनिकता के दौर में संयुक्त परिवार खत्म होते जा रहे हैं। मेरी इच्छा थी कि मुझे ऐसा परिवार मिले, जो मिल जुलकर रहता हो, मेरा यह सपना भी अब पूरा होने जा रहा है। करनाल के सुनील का परिवार भी संयुक्त परिवार के रूप में रहता है।
ऐसे हुई सुनील से मुलाकात
नेहा ने बताया कि करीब नौ साल पहले अंडर-17 के राष्ट्रीय टूर्नामेंट में खेलने गए थे। वहां सुनील के साथ मुलाकात हुई थी। जहां से हमारी दोस्ती शुरू हुई। वह सुनील को प्यार से सुक्कड़ बोलती थी। उनकी आठ साल की दोस्ती कब प्यार में बदल गई, पता ही नहीं चला। उन्होंने बताया कि सुनील का स्वभाव बेहद शांत और मिलनसार है। वह बहुत केयरिंग भी हैं। वह कोलकाता में कैग में ऑडिट की पोस्ट पर नौकरी करते हैं। शादी के बाद वह दिल्ली में ट्रांसफर ले लेंगे।
चोटिल होने पर सुनील की मदद
नेहा गोयल ने कहा है कि वर्ष 2015 में उनके पैर में इंजरी हुई थी तो वह अंदर टूट गई थी। डॉक्टर ने उन्हें भविष्य में खेलने के लिए मना कर दिया था। तब सुनील ने बहुत मदद की थी। नेहा को डॉक्टर के पास ले जाकर फिजियोथेरेपी से लेकर इलाज तक में मदद की। इससे वह दोबारा मैदान में उतर सकी।
प्रीतम सिवाच को दी प्रेम प्रसंग की जानकारी
वर्ष 2018 के एशियाई खेलों के बाद प्रशिक्षक व दीदी प्रीतम सिवाच को प्रेम प्रसंग के बारे में बताया था। उस दौरान उन्होंने पहले खेलों पर ध्यान देने को कहा था। ओलंपिक के बाद नेहा ने सुनील के साथ शादी को लेकर परिजनों से बातचीत की और दोनों के परिजनों ने सहमति दे दी।