गोहाना। मनरेगा के तहत कार्यरत महिला मजदूर ने गांव नूरनखेड़ा की महिला सरपंच पर मजदूरों को जातिसूचक शब्द कहने व गाली देने के आरोप लगाते हुए बरोदा थाना पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मजदूरों ने करीब तीन दिन पहले एसडीएम को भी शिकायत देकर सरपंच के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी।
गांव नूरनखेड़ा की अनुसूचित जाति से संबंधित एक महिला ने शिकायत में बताया कि वह मनरेगा के तहत काम करती है। गांव में जनस्वास्थ्य विभाग के जलघर के तालाबों की सफाई चली हुई है। 18 जनवरी को मनरेगा मजदूर सफाई कर रहे थे। वहां गांव की सरपंच अपने बेटे के साथ पहुंची और मजदूरों को गाली देने लगी। आरोप है कि सरपंच ने मजदूरों को जातिसूचक शब्द कहे। महिला मजदूरों के चरित्र को लेकर भी अपशब्द कहे गए। पुरुष श्रमिकों ने सरपंच को रोकने की कोशिश की तो उनको भी गाली दी। पुलिस ने सरपंच के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
एसीपी ऋषिकांत ने कहा कि सभी तथ्यों की जांच की जाएगी। पहले भी सरपंच के देवर व दूसरे पक्ष एक-दूसरे पर मुकदमा दर्ज करवा चुके हैं। 20 जनवरी को सरपंच के देवर की शिकायत पर मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया था। दूसरी तरफ मनरेगा मजदूरों ने एसडीएम से मिलकर भी सरपंच के खिलाफ शिकायत की थी। मनरेगा मजदूरों का आरोप था कि उन्हें लंबे समय बाद काम मिला था, वह भी बंद करवाने की कोशिश की जा रही है।