दुकान की उधारी चुकाने को लेकर शुरू हुए विवाद में दुकानदार पर जानलेवा हमला करने की आरोपी महिला को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी करार दिया है। दोषी करार दी गई महिला को सात वर्ष की सजा सुनाई गई है। साथ ही महिला पर दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
जुर्माना नहीं भरने की सूरत में महिला को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मामले में महिला के साथ हमला करने के दौरान दो अन्य सह आरोपियों, जोकि पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ पाए हैं, को कोर्ट ने भगोड़ा घोषित किया है।
जिला करनाल के गांव बुटाना की मूल निवासी गीता उर्फ मोनिका पत्नी सिकंदर के साथ बहादुरगढ़ के गांव परनाला में किराए के मकान में रह रही थी। महिला ने उधारी का तगादा करने पर राजस्थान के धौलपुर निवासी विजय पुत्र भजनलाल और जोगेंद्र पुत्र रामदयाल के साथ मिलकर रोहतास पुत्र सुरजभान निवासी परनाला पर गत वर्ष एक मार्च को चाकू से हमला कर दिया था। सभी आरोपी घटना की रात रोहतास को मरा समझकर वहां से फरार हो गए थे, लेकिन समय रहते उपचार मिल जाने के कारण रोहताश की जान बच गई। रोहताश की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्जकर आरोपी गीता को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि दो अन्य आरोपियों को पुलिस नहीं पकड़ सकी।
करीब सवा साल तक कोर्ट में चली सुनवाई में गीता को दोषी करार देते शनिवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट की जज श्रीमती राज गुप्ता ने सात साल की कैद और दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामले में दोषी पाई गई गीता के अर्थदंड न भरने की स्थिति में उसे छह माह और सजा भुगतनी होगी। वहीं, मामले में पुलिस पकड़ से बाहर चल रहे दो अन्य आरोपियों राजस्थान के धौलपुर निवासी विजय पुत्र भजनलाल और जोगेंद्र पुत्र रामदयाल को कोर्ट ने भगोड़ा घोषित किया गया है।
तगादा मांगने पर दुकानदार पर किया था चाकुओं से हमला
रोहतास पुत्र सुरजभान की गांव परनाला में परचून की दुकान है, जहां से गीता गृहस्थी का सामान उधार लिया करती थी। देनदारी ज्यादा होने पर रोहतास ने गीता से बकाया देने को कहा। इस पर उसने कुछ दिन की और मोहलत मांगी। काफी दिन बीत जाने के बाद भी जब बकाया नहीं मिला तो उसने उधारी देने से मना कर दिया और बकाया देने के बाद ही सामान देने की बात कही।
उधारी न देना पड़े, इसके लिए गीता ने राजस्थान के धौलपुर निवासी विजय पुत्र भजनलाल और जोगेंद्र पुत्र रामदयाल के साथ रोहताश की हत्या करने की योजना बनाई और गत वर्ष एक मार्च को उसपर दोनों के साथ मिलकर चाकुओं से जानलेवा हमला किया। रोहताश को मरा समझ तीनों आरोपी वहां से भाग गए, लेकिन समय पर इलाज मिलने से रोहताश की जान बच गई।