सोनीपत। चुनाव के दौर के साथ अब त्योहारी सीजन का आगाज हो गया है। ऐसे में मिठाई की मांग भी खूब बढ़ेगी।
वीरवार को शारदीय नवरात्र की शुरुआत के साथ त्योहारी सीजन का आगाज हुआ। 8 अक्तूबर को परिणाम की घोषणा के बाद मिठाइयों की मांग में तेजी आएगी। मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ ही मिलावट की आशंका भी बढ़ने लगी है। पिछले साल त्योहारी सीजन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने छापा डालकर दूध से बनी मिठाइयों व खाद्य पदार्थों के 48 नमूने लिए थे। इनमें से 14 नमूने फेल हो गए थे।
चुनावी मौसम के बीच जिले में राष्ट्रीय नेताओं के आगमन से खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीआईपी ड्यूटी में लगे रहे। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के लिए को लेकर जिम्मेदारी नहीं उठाई। शारदीय नवरात्र की वीरवार से शुरुआत हो चुकी है। अब तक एक भी मिठाई की दुकान या अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने नहीं लिए गए। विभाग का तर्क है कि चुनाव संपन्न होते ही खाद्य पदार्थों के नमूने लेना शुरू किया जाएगा।
8 अक्तूबर को मतगणना होनी है, ऐसे में जिताऊ प्रत्याशी के कार्यकर्ता हलवाइयों से संपर्क करके मिठाइयां के ऑर्डर देने की तैयारी में जुटे है। त्योहारी सीजन के साथ चुनावी माहौल में भी सबसे ज्यादा मिठाइयां बिकती हैं। बाजार में बिकने वाली सारी मिठाई शुद्ध हो, यह मुमकिन नहीं। ऐसे में मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ मिलावट की आशंका अधिक रहती है।
दशहरा पर्व के बाद करवा चौथ, धनतेरस, दिवाली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज और फिर छठ पर्व है। उस समय सीजन में महज कुछ नमूने ले लिए जाते हैं, उसकी भी रिपोर्ट तक आती है, जबकि खाद्य पदार्थों की खपत हो जाती है। सैंपल की रिपोर्ट 14 दिन में जारी करने के प्रावधान है। ऐसे में विभागीय लापरवाही का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ सकता है। जिस दुकान से मिठाई का सैंपल लिया जाता है, उसे भी सील नहीं किया जाता। वह मिठाई ही लोगों को बेच दी जाती है। कई जगहों पर मिठाइयां पहले से ही बन कर जमा हैं, इनकी जांच के लिए कोई तैयार नहीं है।
अधिकारी बाेले-बढ़ाई निगरानी
त्योहारी सीजन में प्रशासन की खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर कड़ी नजर रहेगी। दिल्ली व उत्तर प्रदेश की सीमा पर पुलिस की निगरानी बढ़ा रखी है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली से बड़ी मात्रा में खाद्य पदार्थों की आपूर्ति की जाती है। उसकी गुणवत्ता को लेकर अधिकारी सतर्क रहते हैं। ऐसे में बॉर्डर क्षेत्र में पुलिस टीम दिन-रात दूध, पनीर, घी, खाद्य तेल मावा-मिठाई के वाहनों पर भी निगरानी रख रही है।
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विधानसभा चुनाव संपन्न होते ही खाद्य पदार्थों के नमूने लेने शुरू कर दिए जाएंगे। गुणवत्ता युक्त मिठाइयां बनाने के लिए हलवाइयों को निर्देश दिए गए है। लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होने नहीं दिया जाएगा।
डॉ. बीरेंद्र सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन सोनीपत