सोनीपत। शराब तस्करी के मामले में एसआईटी ने आरोपियों की गिरफ्तारी को दबिश तेज कर दी है। एसआईटी ने तत्कालीन खरखौदा थाना प्रभारी जसबीर की गिरफ्तारी के लिए उसके दिल्ली स्थित मकान के साथ ही पैतृक गांव में भी दबिश दी। हालांकि वह पकड़ में नहीं आया। पुलिस ने उसके पैतृक गांव से शराब तस्करी के आरोपी सतीश को गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि वह जसबीर व ठेकेदारों से शराब लेकर उसे गांव व आसपास के भट्ठों पर बेचता था। एसआईटी ने भूपेंद्र को साथ लेकर उसके भी आधा दर्जन ठिकानों पर दबिश दी है। उधर, एसपी ने खरखौदा थाना प्रभारी संदीप धनखड़ को महज दस दिन के कार्यकाल के बाद ही हटा दिया है। उन्हें दूसरी जिम्मेदारी दिए जाने की बात कही जा रही है।
पुलिस के सामने शराब तस्कर भूपेंद्र के सरेंडर करने बाद पुलिस ने तत्कालीन थाना प्रभारी जसबीर की गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी कड़ी में सोमवार को डीएसपी जितेंद्र कुमार व डीएसपी सांपला नरेंद्र की टीम ने दिल्ली के नजफगढ़ स्थित उनके घर पर दबिश दी, लेकिन वह वहां नहीं मिले। उसके बाद टीम ने उनके पैतृक गांव भैंसरू में दबिश दी। वहां भी वह नहीं मिल सके। हालांकि पुलिस ने गांव भैंसरू से शराब तस्करी के आरोप में सतीश नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी सतीश तत्कालीन एसएचओ जसबीर व शराब ठेकेदारों से शराब लेकर उसे अवैध रूप से गांव व आसपास के भट्ठों पर तस्करी करता था। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
भूपेंद्र के ठिकानों पर गई पुलिस
पुलिस ने शराब तस्करी के आरोपी भूपेंद्र को लेकर आधा दर्जन स्थानों पर दबिश दी है। वहीं उसके दोनों मोबाइल और चिप कार्ड फोरेंसिक जांच को भेज दिए हैं। उसके मोबाइल की डिटेल के आधार पर उसके साथियों का पता लगाया जाएगा। साथ ही उसके बैंक खातों की जांच भी की जा रही है। पुलिस ने उसके मोबाइल की कॉल डिटेल निकालकर उसके आधार पर पुलिसकर्मियों, राजनीतिज्ञों और अपराधियों से लिंक तलाशना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि कुछ डाटा डिलीट किया गया है। जिसे रिकवर करने का प्रयास जारी है।
दस दिन में ही हटाए गए एसएचओ खरखौदा, मंदीप सिंह को प्रभार
खरखौदा थाना में एसएचओ संदीप धनखड़ को दस दिन बाद ही हटा दिया गया। उनके स्थान पर मंदीप सिंह को थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शराब तस्करी का मामला सामने आने के बाद जसबीर को सस्पेंड करने के बाद इन्हें प्रभार दिया गया था। खरखौदा में केस प्रापर्टी की शराब की तस्करी होने का मामला 29 अप्रैल को सामने आया था। 30 अप्रैल को इसकी जांच शुरू की गई थी। शराब की गिनती शुरू होने के साथ ही खरखौदा के एसएचओ जसबीर सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया था। उनके स्थान पर संदीप धनखड़ को जिम्मेदारी दी गई थी। उनके नेतृत्व में ही शराब की गिनती हुई और शराब तस्कर व पुलिस अधिकारियों पर रिपोर्ट दर्ज की गई। इसके साथ ही अचानक सोमवार को उनको थाने से हटा लिया गया। मामले में एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा का कहना है कि इनके स्थानांतरण को शराब कांड से नहीं जोड़ा जाए। उनसे बहुत महत्वपूर्ण कार्य लिया जाना है। उनसे तकनीकी मदद के साथ ही दूसरी जगह तैनाती दी जाएगी। फिलहाल खरखौदा थाने की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर मंदीप सिंह को सौंपी गई है।
वर्जन
एसआईटी ने पूरी टीम के साथ तत्कालीन थाना प्रभारी जसबीर के दिल्ली के नजफगढ़ व रोहतक के भैंसरू स्थित पैतृक गांव में दबिश दी है। वह वहां नहीं मिला। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। भैंसरू से शराब तस्करी के आरोपी सतीश को काबू किया गया है। वह जसबीर व अन्य ठेकेदारों से लेकर शराब सप्लाई करता था। भूपेंद्र के ठिकानों पर भी दबिश दी गई है। जल्द सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
-जितेंद्र सिंह, डीएसपी, एसआईटी सोनीपत।