फोटो संख्या: 53 पककर तैयार हुई सरसों की फसल--संवाद
- फोटो : भूरागढ़ इंटेकबेल के पास जलधारा से नाली के जरिए लाया गया पानी।
महेंद्रगढ़। तीन दिनों से करीब 15 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही हवा के कारण क्षेत्र में गेहूं की सिंचाई प्रभावित हो रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार तेज हवा का यह दौर चार दिनों तक जारी रहने का अनुमान है। ऐसे में गेहूं की फसलों में सिंचाई करने से फसल गिरने का भय बना रहेगा।
दो फरवरी को क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि के कारण दिन के तापमान में भी पांच से आठ डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को अधिकतम तापमान 24 तथा न्यूनतम दस डिग्री दर्ज किया गया। ठंडी तेज हवा चलने से धूप में भी ठंडक का एहसास रहा। तापमान में आई गिरावट को किसान भी गेहूं की फसल के लिए अनुकूल मान रहे हैं।
80 हजार एकड़ में खड़ी गेहूं की बालियों में दाना बनना शुरू हो गया है। दाना बनने की प्रक्रिया शुरू होने के कारण बालियों में वजन बढ़ गया जिससे सिंचाई के समय तेज हवा चलने से गिरने का भय बना रहेगा। इसलिए मौसम विशेषज्ञ किसानों को आगामी तीन-चार दिनों तक फसलों में सिंचाई रोकने की सलाह दे रहे हैं। 2.60 लाख एकड़ में खड़ी सरसों की फसल पककर तैयार हो चुकी है। एक सप्ताह में कटाई शुरू होने की उम्मीद है।
तापमान में गिरावट का क्रम जारी रहेगा : मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि तीन-चार दिनों में तापमान में गिरावट का क्रम जारी रहेगा। रात के समय तापमान 10 से 15 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। तेज गति से चलने वाली धरातलीय हवा चलने से तापमान में गिरावट आएगी। आगामी एक सप्ताह तक दिन के तापमान में गिरावट का क्रम जारी रहेगा।