फोटो 31: सोनीपत के गांव राठधना स्थित निर्माणाधीन मंदिर परिसर में बैठक के बाद निगम के खिलाफ विरो
सोनीपत। गांव राठधना स्थित निर्माणाधीन श्री शिव रामेश्वरम धाम मंदिर परिसर में वीरवार को राठधना आदर्श ग्राम सुधार समिति और सरोहा खाप के सभी 12 गांवों के मौजिज लोगों की बैठक हुई। इसका मुख्य मुद्दा गांव की मुश्तर्का मालकान जमीन और उस पर बने मंदिर पर नगर निगम की ओर से की जा रही आपत्तियों को लेकर रहा।
समिति प्रधान अतर सिंह ने बताया कि ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से वर्षों पहले शुरू किए मंदिर निर्माण का 90 फीसदी से अधिक काम पूरा कर लिया है। इस स्थान पर 71 फुट ऊंची शिव प्रतिमा और उत्तर भारत का सबसे बड़ा शिव मंदिर बनाया जा रहा है।
मंदिर के चारों ओर ट्रैक, पेड़-पौधे, बच्चों के खेलने के लिए मैदान, अखाड़े आदि का विकास भी किया गया है। यह कार्य गांव के सहयोग से किया गया है। यह जमीन ग्रामवासियों की खेवट की साझा संपत्ति है।
ग्रामीणों का आरोप है कि अब नगर निगम इस भूमि को अपनी बताकर मंदिर को अवैध निर्माण बता रहा है। उसे गिराने की बात कह रहा है। समिति ने यह भी आरोप लगाया कि निगम के एक सहायक अभियंता की ओर से इस फाइल को बंद करने की एवज में पैसे मांगे गए। इसके बाद से निगम की तरफ से दबाव बनाया जा रहा है।
सरोहा 12 खाप के प्रधान सतीश सरोहा ने कहा कि गांव वालों को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है, लेकिन नगर निगम को भी कोर्ट के निर्णय का इंतजार करना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निगम ने जबरदस्ती कोई कार्रवाई की तो पूरा गांव एकजुट होकर विरोध करेगा । पंचायत के विरोध के चलते वर्ष 2012 में समिति ने कोर्ट में केस किया था, जिसमें निर्णय समिति के पक्ष में आया और अब मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।