संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। मांगों को लेकर एक सप्ताह से सफाई छोड़कर धरने पर बैठे सफाई कर्मियों की वजह से अब शहर के हालात बदतर हो चुके हैं। जगह-जगह नाले बंद हो गए हैं। दूषित पानी गलियों में बह रहा है। गंदगी के ढेर लगे हुए हैं।
इससे निपटने के लिए नगर पालिका सचिव मनीष रेढू ने अलग से सफाई कर्मियों को बुलाकर सफाई करानी चाही तो धरना दे रहे सफाई कर्मियों ने इसका विरोध करते हुए नहीं करने दी। नायब तहसीलदार अचिन कुमार भी उन्हें समझाने पहुंचे लेकिन लंबी बहस के बावजूद सफाई कर्मी नहीं माने। गुस्साए सफाई कर्मियों ने पुतला भी फूंका।
शहर में गंदगी के आलम को देख नपा सचिव ने अलग से सफाई कर्मियों की व्यवस्था कर उन्हें गंदगी का उठान करने को कहा। सूचना मिलते ही धरना दे रहे सफाई कर्मियों ने इसका विरोध करते हुए कूड़ा फैला दिया। इस पर सचिव धरनास्थल पर पहुंचे।
नपा सचिव ने सफाई कर्मियों को कहा कि वह अपनी मांग उठाएं लेकिन उनके काम में बाधा न बने लेकिन इस पर सफाई कर्मियों ने स्पष्ट किया कि यह कूड़ा औरों के लिए गंदगी हो सकता है लेकिन उनके लिए उनकी रोजी-रोटी चलाने का साधन है। उनके लिए तो यह सोना है।
ऐसे में इसे कोई दूसरा उठाए वह यह सहन नहीं करेंगे। सरकार उनकी मांग मान लेगी तो वह खुद इसे उठाएंगे। इस दौरान नायब तहसीलदार अचिन कुमार भी धरनास्थल पर पहुंचे और सफाई कर्मियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन सफाई कर्मियों ने स्पष्ट कर दिया कि उनका स्थानीय स्तर पर कोई मुद्दा ही नहीं है।
वह प्रदेश सरकार से अपनी मांग कर रहे हैं। सफाई कर्मियों ने इस बीच दिल्ली चौक पर सरकार व नपा सचिव विरोधी नारेबाजी करते हुए पुतला भी फूंका।