सोनीपत। शनि मंदिर के निकट स्थित ईदगाह कॉलोनी के पास दादर एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से पिता-पुत्र की मौत हो गई। पिता अपने मानसिक दिव्यांग बेटे को दवा दिलाने लेकर गए थे। आठ वर्षीय बेटा अचानक रेलवे ट्रैक पर भागने लगा। ट्रेन आती देख पिता उसे बचाने के लिए भागे तो दोनों ही चपेट में आ गए। सूचना के बाद पहुंची राजकीय रेलवे पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया।
रविवार देर शाम ईदगाह कॉलोनी निवासी मेहरबान (34) अपने बेटे सुफियान (8) को दवा दिलाने लेकर गए थे। सुफियान मानसिक रूप से दिव्यांग था। उसका दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान से उपचार चल रहा था। मेहरबान बेटे के साथ रेलवे लाइन पार करने लगे तो उनका बेटा अचानक भाग लिया। ट्रैक पर ट्रेन को आता देख मेहरबान अपने बेटे को बचाने के लिए उसके पीछे भागे। बेटे को बचाने के प्रयास में दोनों दादर एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। ट्रेन चालक ने मामले से स्टेशन मास्टर को अवगत कराया। स्टेशन मास्टर ने राजकीय रेलवे थाना पुलिस को जानकारी दी, जिसके बाद राजकीय रेलवे पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल में भिजवाया। सोमवार को शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है।
परिवार में अकेले रह गया बड़ा बेटा
ट्रेन की चपेट में आने से काल का ग्रास बने मेहरबान के दो बेटे थे। जिनमें बड़ा बेटा समद 10 वर्ष का है। छोटे बेटा सुफियान था। बताया जा रहा है कि मेहरबान की पत्नी उनसे चार माह पहले ही अलग हो गई है। मेहरबान ही दोनों बच्चों का पालन-पोषण कर रहे थे। वह पिता नूरहसन के साथ संयुक्त परिवार में रहते थे। अब मेहरबान व बेटे सुफियान की मौत से उनके परिवार में बड़ा बेटा समद ही बचा है।
ट्रेन की चपेट में आकर पिता-पुत्र की मौत हो गई। दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। -एसआई जोगेंद्र सिंह, थाना प्रभारी, राजकीय रेलवे पुलिस सोनीपत
सुफियान। फाइल फोटो- फोटो : samvad
सुफियान। फाइल फोटो- फोटो : samvad