फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एनएच-44 पर कुराड़ के सामने रेलिंग लगाई तो ग्रामीणों ने रुकवाया काम

विज्ञापन
फोटो :27: गांव कुराड़ के सामने रैलिंग लगाने का काम रुकवाकर रोष जताते ग्रामीण। संवाद - फोटो : Sonipat
विज्ञापन
नेशनल हाईवे (एनएच)-44 पर गांव कुराड़ के सामने रेलिंग लगाने के काम को ग्रामीणों ने रोक दिया है। एनएचएआई की तरफ से गांव के सामने रेलिंग लगाई जा रही है। इससे ग्रामीण वाहन लेकर सीधे एनएच-44 पर नहीं जा सकेंगे। उन्हें एक करीब किलोमीटर संपर्क मार्ग पर चलकर हाईवे पर जाना होगा। इस पर लोगों ने रोष जताया। साथ ही अंडरपास या फुट ओवरब्रिज नहीं बनाए जाने से भी लोगों में रोष है।
विज्ञापन

हाईवे के चौड़ीकरण के साथ ही भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की तरफ से नेशनल हाईवे के दोनों तरफ रेलिंग लगाई जा रही है। एनएच-44 के पास स्थित कुराड़ गांव के सामने भी रेलिंग लगाने का काम शुरू किया गया तो बिफरे ग्रामीणों ने काम बंद करा दिया। गांव के निवर्तमान सरपंच बिजेंद्र के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने प्रशासन व एनएचएआई पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रेलिंग लगाने के बाद उन्हें दोनों तरफ एक किलोमीटर तक संपर्क मार्ग पर चलकर हाईवे पर जाना होगा। इससे लोगों की परेशानी बढ़ेगी। अक्सर संपर्क मार्ग बदहाल रहने से इससे आवागमन में दिक्कत आएगी।
ढाबों के सामने रेलिंग हटाने पर लगाए आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि छह हजार की आबादी वाले गांव के सामने रेलिंग लगाई जा रही है, जबकि ढाबों के सामने से रेलिंग हटाकर रास्ता दिया गया है। लोगों ने आरोप लगाया कि एनएचएआई की तरफ से मिलीभगत कर ढाबों की बजाय गांव के सामने रेलिंग लगाई जा रही है, जिसे ग्रामीण बर्दाश्त नहीं करेंगे।
विज्ञापन

फुट ओवरब्रिज मिला न अंडरपास
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्होंने एनएच-44 के चौड़ीकरण का काम शुरू होने के दौरान तत्कालीन डीसी के सामने मांग रखी थी कि गांव के सामने अंडरपास बनाया जाए या फुट ओवरब्रिज की सुविधा दी जाए। जिससे पैदल जाने वाले राहगीरों को परेशानी न हो सके। तब उन्होंने अंडरपास या फुट ओवरब्रिज की सुविधा देने की बात कही थी, लेकिन एनएचएआई की तरफ से कोई सुविधा नहीं मिल सकी है।
गांव के सामने रेलिंग लगाई जा रही थी। ग्रामीणों ने मेरे पास आकर इसकी जानकारी दी तो मैं ग्रामीणों के साथ यहां आया हूं। ठेकेदार के लोगों को कहकर काम रोक दिया गया है। ग्रामीणों की समस्या के समाधान के लिए एनएचएआई को ई-मेल भेजकर अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। एनएचएआई को प्राथमिकता के आधार पर लोगों की समस्या दूर करनी चाहिए।
विज्ञापन

- बिजेंद्र, निवर्तमान सरपंच, गांव कुराड़
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें