संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। श्रीरामशरणम् आश्रम सेक्टर-15 में रामायण महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार को नवरत्न चोपड़ा ने सुंदर कांड का वर्णन करते हुए बताया कि इसके शुरू होते ही सभी को आभास होने लगा कि अब माता सीता की खोज कर उनका शीघ्र ही पता चल जाएगा।
इसके लिए सुग्रीव ने अपनी सेना को विभिन्न समूहों में बांट कर अलग-अलग दिशाओं में भेजने की योजना बनाई। इनमें से सबसे प्रमुख दल जिसमें, जामवंत, अंगद, नल नील, हनुमान जैसे शक्ति शाली योद्धा थे, को लंका की ओर जाने के लिए कहा गया।
समुद्र तट पर पहुंचकर सभी ने उसे पार कर वापस आने में अपनी असमर्थता दिखाई। तब जामवंत ने हनुमान को वरदान में प्राप्त शक्तियों की याद दिलाई तो वह शीघ्र ही लंका जाने के लिए सहमत हो गए। इससे वानर सेना में खुशी की लहर दौड़ गई।
आश्रम के प्रवक्ता केएल पुनैनी के अनुसार महायज्ञ की पूर्णाहुति 26 मार्च को राम नाम के जाप के साथ होगी। उसके बाद भंडारा लगाया जाएगा। इस दौरान रमन कालरा, जतिंद्र रेलन, कृष्ण लूथरा, रमेश कपूर, प्रदीप गुप्ता, प्रेम बत्रा, अश्विनी मौजूद रहे।