फोटो :20: सोनीपत के गांव तिहाड़ मलिक में अपने पिता के साथ छात्र अंश। संवाद
गांव तिहाड़ मलिक में किशोर ने रोड़ी (पत्थर का टुकड़ा) मारकर बालक की आंख फोड़ दी। दौड़ लगा रहे बालक ने किशोर को रास्ता देने को कहा तो उनमें विवाद हो गया था। बालक की आंख का ऑपरेशन कराने के बाद भी उसे दिखाई नहीं दे रहा है।
गांव तिहाड़ मलिक निवासी रमेश ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार सुबह उनका बेटा अंश (12) अन्य बच्चों के साथ गांव के स्कूल में दौड़ लगाने गया था। वहां पर गांव का ही 12वीं कक्षा में पढ़ने वाला किशोर भी मौजूद था। दौड़ लगाते समय बेटे ने किशोर से रास्ता देने को कह दिया। इससे किशोर बिफर गया और वहां पर पड़ी टूटी आंधी ईंट उठाकर बेटे को फेंक कर मार दी। गनीमत रही कि ईंट अंश को नहीं लगी। इसके बाद उसने रोड़ी उठाकर अंश की आंख पर मार दी। बेटा बुरी तरह घायल हो गया। वह बेटे को इलाज के लिए नागरिक अस्पताल ले गया, वहां से चिकित्सक ने उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। पीजीआई से बेटे को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में ले गए। चिकित्सक ने बताया कि अंश की आंख की पुतली के फटकर दो भाग हो गए। ऑपरेशन भी किया गया, लेकिन उसके बाद भी अंश को कुछ दिखाई नहीं दे रहा है।
बालक की आंख में रोड़ी मारने की जानकारी मिली थी। बालक के पिता के बयान पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में गहनता से जांच की जा रही है।
- इंस्पेक्टर अरुण कुमार, थाना प्रभारी, मोहाना।