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अब क्या खाएंगे-क्या पहनेंगे, आग में सब कुछ जल गया

Sun, 18 Dec 2016 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला गोहाना
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रोहतक से मंगवाई गइ छोटी गाड़ी से आग पर काबू पाने का प्रयास करते हुए दमकल विभाग के कर्मचारी। - फोटो : Bureau
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अब क्या खाएंगे और क्या पहनेंगे। हमारा सब कुछ तो आग में जलकर राख हो गया है। यह बात उस पीड़ित परिवार के सदस्य बिलखते हुए कही जिनका शनिवार को घर में आग लगने से सब कुछ जलकर राख हो गया। खाने-पीने का सामान, ज्वैलरी, कपड़े व नकदी के अलावा घर में रखा सामान आग की भेंट चढ़ गया। मामला मेन बाजार में जैन वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के पास का है। जहां एक मकान में लगी आग से घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। परिजनों ने घर से बाहर भाग कर जान बचाई।
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पीड़ित मकान मालिक कृष्ण गोपाल ने बताया कि वह पुस्तकों की बाइडिंग करने का काम करता है। घटना के समय परिवार के सदस्य घर में मौजूद थे। उसकी पत्नी रसोई में पराठे बना रहीं थी। मकान में अधिक धुआं हो गया। कृष्ण की पत्नी को लगा की पराठों के कारण घर में धुआं फैला है। कुछ ही देर बाद घर में से आग की लपटें निकलने लगीं। इसके बाद परिजन दौड़ कर घर से बाहर निकले। कृष्ण के छोटे भाई राजू का परिवार पहली मंजिल पर रहता है। राजू के बच्चों को भी बड़ी मुश्किल से लोगों की मदद से बाहर निकाला गया।
गली संकरी होने से नहीं पहुंच पाई फायर ब्रिगेड
आग लगने की सूचना फायर ब्रिगेड तो समय पर मिल गई, लेकिन मकान तक नहीं पहुंच सकी। इसी बीच नगर निगम रोहतक से फायर ब्रिगेड की छोटी गाड़ी बुलाई गई। जब तक गाड़ी आई, घर का सारा सामान जल कर राख हो चुका था। शहर में दुकानों के बाहर रखा सामान भी फायर ब्रिगेड के रास्ते में रुकावट बना। बड़ी मुश्किल से लोगों ने दुकानों के बाहर रखा अपना सामान हटाया, तब जाकर मिनी फायर ब्रिगेड की गाड़ी घटनास्थल तक पहुंच पाई।
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छोटी गाड़ी की मांग
शहर में हुई आगजनी की घटना के बाद जब दमकल विभाग की गाड़ी नहीं पहुंच पाई तथा रोहतक से छोटी गाड़ी मंगवानी पड़ी तो शहर के लोगों ने नगर परिषद की चेयरपर्सन रजनी विरमानी व पिछड़ा वर्ग कल्याण निगम के चेयरमैन रामचंद्र जांगड़ा के समक्ष गोहाना के लिए छोटी दमकल गाड़ी मुहैया कराने की मांग की। शहर के लोगों ने कहा कि इस प्रकार की घटना कभी भी हो सकती है। जिस प्रकार शहर में गली काफी संकरी हैं तथा दुकानदार भी अपनी दुकानों से ज्यादा सामान बाहर सड़क पर रखते हैं। उससे दिक्कत होती है।
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