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Sonipat News: फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष ने दिल्ली सीएम को लिखा पत्र

Mon, 05 May 2025 01:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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सोनीपत। भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के जरिए आयु में हेराफेरी करने वाले पहलवानों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। इसके लिए जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी कड़ी में डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष संजय सिंह ने दिल्ली की मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले की गंभीरता से अवगत कराया है।
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डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष संजय सिंह ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र में लिखा है कि खिलाड़ी अपनी आयु में बदलाव के लिए दिल्ली से फर्जी ऑनलाइन प्रमाण पत्र प्राप्त कर रहे हैं। हरियाणा के पहलवान दीपांशु के दो अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्र मिले हैं। हरियाणा के रोहतक से बने प्रमाण पत्र में दीपांशु की जन्मतिथि 16 अक्तूबर 2006, तो दिल्ली से बने प्रमाण पत्र में 16 अक्तूबर, 2009 दर्ज है। इस विरोधाभास के सामने आने के बाद प्रमाण पत्रों की सत्यता की जांच शुरू कर दी गई है। कुश्ती प्रतियोगिता में पहले भी ऐसे कई खिलाड़ी मिले थे, जिनका स्थायी पता हरियाणा का है और उनका जन्म प्रमाण पत्र दिल्ली से जारी किया गया था। इससे प्रतिस्पर्धा की निष्पक्षता और युवा खिलाड़ियों का मनोबल प्रभावित होता है।



दिल्ली में आसान है जन्म प्रमाण पत्र देने की योजना

दिल्ली में जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त करने की आसान योजना लागू की गई है। कई राज्यों के पहलवान अपनी आयु कम करने के लिए दिल्ली का सहारा लेते हैं। यहां से बिना असुविधा के जन्म प्रमाण पत्र बनवाकर उनका प्रयोग कर रहे हैं।
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पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

भारतीय कुश्ती संघ की तरफ से करीब तीन साल पहले रांची में आयोजित की गई अंडर-17 राष्ट्रीय कैडेट कुश्ती प्रतियोगिता से उम्रदराज पहलवानों को बाहर किया गया था। उसी समय पटना में हुई अंडर-15 ओपन रैंकिंग प्रतियोगिता में भाग लेने वाले 1000 से ज्यादा पहलवानों में से 150 से ज्यादा उम्रदराज को बाहर कर दिया था।

फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मिलने के मामले में दिल्ली की मुख्यमंत्री को पत्र लिखा गया है। योग्य पहलवानों को ही उनका हक दिलाने के लिए डब्ल्यूएफआई लगातार प्रयासरत है। -संजय सिंह, अध्यक्ष, डब्ल्यूएफआई।
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