फोटो 21: सोनीपत में गोहाना रोड पर नगर निगम की ओर से निर्मित किया गया सहदेव द्वार। संवाद
सोनीपत। महाभारत काल के पांडवकालीन शहर में मुख्य मार्गाें पर युद्धिष्ठिर द्वार व सहदेव द्वार बनकर तैयार कर दिए गए हैं। रात के समय लाइटिंग व्यवस्था शहर को चार चांद लगा रहे हैं। कभी चार दरवाजों के अंदर बसे सोनीपत शहर की पहचान अब पांच पांडवों के नाम पर स्वागत द्वार से होने लगी है।
नूतन वर्ष 2026 में तीन द्वार और बनकर तैयार हो जाएंगे। नगर निगम प्रवेश द्वार प्रोजेक्ट पर 4.55 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। नगर निगम की ओर से मुरथल रोड पर 93.53 लाख रुपये से युधिष्ठिर द्वार का निर्माण अक्तूबर के पहले सप्ताह में पूरा कर दिया था। अब नगर निगम ने गोहाना रोड पर सहदेव द्वार का निर्माण पूरा कर लिया गया है।
नगर निगम की ओर से नरेला रोड पर नकुल द्वार का निर्माण कराया जा रहा है। नगर निगम ने 15 जनवरी तक काम पूरा करने का दावा किया है। नई दिल्ली स्थित सेंट्रल विस्टा में जिस लाल पत्थर को लगाया गया, वह पत्थर निर्मित प्रवेश द्वार पर लगाया गया है। प्रवेश द्वार पर धौलपुर का लाल पत्थर शोभा बढ़ा रहा है।
नगर निगम ने करीब पौने दो साल पहले प्रवेश द्वार के निर्माण की शुरुआत की थी। इसी तरह रोहतक रोड पर भीम द्वार, बहालगढ़ रोड पर अर्जुन द्वार व नरेला रोड पर नकुल द्वार का निर्माण कराया जा रहा है।
मुरथल-सोनीपत रोड पर युधिष्ठिर व गोहाना रोड पर सहदेव द्वार का निर्माण पूरा कर लिया गया है। नूतन वर्ष में बाकी तीन द्वार का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
- अजय निराला, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम
फोटो 21: सोनीपत में गोहाना रोड पर नगर निगम की ओर से निर्मित किया गया सहदेव द्वार। संवाद