सोनीपत। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने ही फिर शीतलहर का दौर शुरू हो गया है। मंगलवार को हवा का रुख पूर्वी से बदलकर फिर उत्तर-पश्चिमी हो गया है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों की ठंड मैदानी क्षेत्रों में फिर ठिठुरन बढ़ाएगी। सोमवार को हुई बारिश के बाद कोहरा का प्रभाव खत्म हो गया है, वहीं न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके बावजूद शीतलहर चलने से लोग दिन भर कांपते रहे। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अब कोल्ड डे की परिस्थितियां बन सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी।जिले में रविवार को सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवाओं का रुख पूर्वी हो गया था। इस कारण पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं से राहत मिली थी। सोमवार को जिले के अधिकतर क्षेत्रों में बारिश होने के बावजूद न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। मंगलवार को फिर हवा का रुख बदल गया। अब जिलावासियों को फिर से बर्फीली हवा का सामना करना पड़ेगा। आसमान पर बादल छाने और धूप नहीं निकलने से अधिकतम तापमान में गिरावट आई है। मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 14.3 डिग्री व न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले जिले का अधिकतम तापमान 15.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। दिन भर आठ किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से शीतलहर चलती रही। मौसम में आए बदलाव व हवा का रुख बदलने से जिले के अधिकतम व न्यूनतम तापमान का अंतर भी कम हुआ है।
दो दिन बाद फिर सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विशेषज्ञ का कहना है कि 10 जनवरी को दिल्ली-एनसीआर में फिर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के आसार बने हुए हैं। इससे 13 जनवरी तक बारिश के आसार बने रहेंगे। जनवरी में कई पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के आसार बन रहे हैं। इससे तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। बारिश हुई तो फसलों को फायदा होगा।
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पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव खत्म होने के साथ ही हवा का रुख फिर पूर्वी से उत्तर-पश्चिमी हो गया है। इससे जिलावासियों को फिर बर्फीली हवाओं का सामना करना पड़ेगा। दो दिन बाद एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिससे बूंदाबांदी होने के आसार बन रहे हैं। आगामी दिनों में लोगों को फिर से कोहरे का सामना करना पड़ सकता है।
- डॉ. प्रेमदीप, मौसम विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केंद्र, जगदीशपुर