सोनीपत। कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी है। ठंड झेल रहे जिलावासियों को एक बार फिर से बूंदाबांदी का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार शनिवार को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से 6 जनवरी तक बादल छाने और कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी होने के आसार बने रहेंगे।
मौसम में लगातार बदलाव जारी है। शीतलहर चलने से जिलावासियों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। दिन में कुछ देर के लिए धूप निकली, लेकिन वह ठंड से राहत नहीं दिला सकी। दिन भर आसमान पर बादल छाए रहे। वीरवार को जिले के अधिकतम व न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वीरवार को जिले का अधिकतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 5.6 दर्ज किया गया। एक दिन पहले जिले का अधिकतम तापमान 12.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 5.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। दिन भर पांच किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से शीतलहर चलती रही। मौसम विशेषज्ञ ने कहा कि पहाड़ों में हो रही बर्फबारी से मैदानी इलाके शीतलहर की चपेट में हैं। अब ठंड और बढ़ेगी।
जनवरी में कई पश्चिमी विक्षोभ होंगे सक्रिय
मौसम विशेषज्ञ की मानें तो जनवरी में एक के बाद एक पांच से सात पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे। इसकी वजह से जनवरी में मौसम के मिजाज में बार-बार बदलाव आते रहेंगे। शनिवार को भी सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ के असर से न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज होगी, लेकिन अधिकतम तापमान में गिरावट आएगी। ऐसे में लोगों को कड़ाके की ठंड झेलनी पड़ेगी।
कृषि क्षेत्र के लिए बारिश व बूंदाबांदी फायदेमंद
दिसंबर के अंतिम सप्ताह में हुई बारिश के बाद अगर जनवरी माह में भी अच्छी बारिश होती है तो यह कृषि क्षेत्र के लिए फायदेमंद साबित होगी। बारिश का सबसे ज्यादा फायदा गेहूं की फसल में होगा। हालांकि ओलावृष्टि होने से किसानों को नुकसान झेलना पड़ सकता है। बारिश होने से कड़ाके की ठंड झेल रही सब्जियों की फसलों को भी फायदा पहुंचेगा।
शनिवार को कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसकी वजह से बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी के आसार बन रहे हैं। जनवरी में कई पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे। ऐसे में मौसम में बदलाव होता रहेगा।
- डॉ. प्रेमदीप, मौसम विज्ञानी, केवीके सोनीपत