गांव गढ़ी बाला के पास सीएलसी नहर में आई दरार को बंद करते सिचांई विभाग कर्मी।
- फोटो : Sonipat
कुंडली। दिल्ली की प्यास बुझाने वाली सीएलसी नहर में गांव गढ़ी बाला के पास सोमवार रात को अचानक दरार आ गई। ग्रामीणों ने जब पानी का रिसाव होते देखा तो तुरंत सिंचाई विभाग को सूचित किया। सूचना पाकर सिंचाई विभाग की टीम रात को ही मौके पर पहुंची और दरार को पाटने का काम किया। इधर, नहर में दरार आने से ग्रामीणों को पानी घुसने का खतरा लगने लगा था। मशक्कत के बाद उसे फिलहाल ठीक कर दिया गया है।
सोमवार रात नहर से पानी निकलता देख सिंचाई विभाग को मामले से अवगत कराया गया। साथ ही ग्रामीण स्वयं भी पानी रोकने के प्रयास में लग गए। ग्रामीणों ने बताया कि गांव गढ़ी बाला में रात करीब एक बजे एक किसान ने पुलिस को सूचना दी कि गांव के खेतों के पास से गुजर रही सीएलसी नहर में दरार आ गई है और इससे लगातार खेतों में पानी भर रहा है। इस पर पुलिस मौके पर पहुंची व सिंचाई विभाग को भी सूचना दी गई। मौके पर पहुंची सिंचाई विभाग की टीम ने नहर में ज्वाइंट के पास से लीकेज को ढूंढ निकाला और कड़ी मशक्कत के बाद इसे बंद कर दिया गया। इस दौरान सिंचाई विभाग की टीम के अलावा ग्रामीणों ने भी सहयोग दिया। यहां नहर की दीवार के निर्माण में ज्वाइंट है। इसके कारण समस्या बढ़ी। हालांकि दिल्ली को जाने वाले पानी में कोई दिक्कत नहीं आई है।
700 क्यूसिक पानी बहता है नहर में
सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मूनक यानी सीएलसी नहर में करीब 700 क्यूसिक पानी हर समय चलता है। यह पानी दिल्ली में पेयजल में इस्तेमाल होता है। यही कारण है कि पानी को आसानी से रोका नहीं जा सकता। इसके लिए सीएम मुख्यालय से अनुमति लेनी होती है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नुकसान ज्यादा हो सकता था, यदि सिंचाई विभाग की टीम समय पर मौके पर नहीं पहुंचती।
गांव के सरपंच सुरेश ने बताया कि उन्हें रात को एक बजे के करीब सूचना मिली थी कि नहर में दरार आई है। मौके पर पहुंचे तो पुलिस और नहरी विभाग के कर्मचारी पहले से वहां पर मौजूद थे। इस नहर में पानी हर समय चलता रहता है। इस दरार से गांव को काफी नुकसान हो सकता था। नहर के दोनों तरफ कोई रास्ता नहीं है। अगर नहर टूटती है, तो वहां तक पहुंचने के लिए एकमात्र गांव का ही रास्ता है।
वर्जन
सीएलसी नहर में एक जगह ज्वाइंट में दरार आई थी। इसकी वजह से पानी का रिसाव हुआ है। अभी इस दरार को बंद कर दिया है और ठीक करने का काम किया जा रहा है। सिंचाई विभाग की टीम सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई थी। समस्या का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में काम किया जा रहा है।
- हन्नी, जेई सिंचाई विभाग।