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जल संरक्षण : दूषित पानी को शोधित कर दोबारा प्रयोग रहा रोडवेज

Mon, 23 Dec 2024 12:37 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो 36- सोनीपत बस अड्डे के वर्कशॉप में स्थापित ईटीपी। संवाद
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सोनीपत। जल संरक्षण की दिशा में दूसरों के लिए मिसाल पेश करते हुए रोडवेज ने वर्कशॉप में 80 किलो लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) क्षमता की अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र (ईटीपी) स्थापित की है। इससे रोडवेज बस अड्डा व वर्कशॉप से निकलने वाले दूषित पानी को शोधित कर दोबारा प्रयोग में लाया जा रहा है। खास बात यह है कि इस शोधित पानी से ही बसों की भी धुलाई की जा रही है। इससे भूजल को भविष्य के लिए सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। स्थापित की गई ईटीपी का ट्रायल लिया जा रहा है।
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रोडवेज डिपो के वर्कशॉप में जाने वाली बसों की धुलाई की जाती है। इसमें काफी पानी की जरूरत पड़ती है। अब तक धुलाई के बाद पानी को साथ लगती ड्रेन नंबर-छह में बहा दिया जाता था। इससे रोजाना हजारों लीटर पानी व्यर्थ चला जाता था। नगर निगम की तरफ से ड्रेन को पक्का करने के बाद ड्रेन का स्तर ऊपर उठ गया है, जिससे बस अड्डे की पानी निकासी अवरुद्ध हो गई है। ऐसे में बस अड्डा परिसर में बारिश व सीवर का पानी भरा रहता था। इससे कर्मचारियों व यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही थी। इस समस्या के समाधान के लिए वर्कशॉप में ही ईटीपी स्थापित की गई है। इससे न सिर्फ पानी निकासी की समस्या का समाधान हुआ है, वहीं जल संरक्षण की दिशा में भी महत्पूर्ण योगदान मिला है।
दो टैंकों में स्टोर किया जाता है पानी
पानी को स्टोर करने के लिए दो मुख्य टैंक बनाए गए हैं। बसों की धुलाई से पानी में मिट्टी, ग्रीस, तेल मिल जाते हैं। इस पानी को शोधित करने के लिए विभिन्न श्रेणियों से गुजारा जाता है। ईटीपी में 28 मोटर लगाई गई हैं। प्रत्येक मोटर का अलग-अलग कार्य हैं। ईटीपी पर अलग-अलग पांच टंकी बनाई गई हैं, जिस भी टंकी से भी पानी गुजरता है, वह शोधित होकर आगे जाता है। अंतिम टंकी में से पानी शोधित होकर टैंक में जाता है। इस प्रक्रिया में ग्रीस, केमिकल व मिट्टी को अलग कर पानी को दोबारा से प्रयोग करने योग्य बनाया जाता है।
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बनाया जाएगा वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
ईटीपी पर कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं, जो पानी शोधित करने की प्रक्रिया की जांच करते हैं। ट्रायल के दौरान यदि कोई कमी मिलती है तो उसे दूर किया जा रहा है। बस अड्डे में पानी भरने की समस्या का समाधान किया जा रहा है। विभाग की वर्षा के पानी का संचय करने की योजना है। इसके लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी बनवाया जाएगा।


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बस अड्डे की वर्कशॉप में 80 केएलडी क्षमता का ईटीपी स्थापित किया गया है। यहां पानी को शोधित कर बसों की धुलाई व अन्य कार्यों में प्रयोग किया जा रहा है। इससे भूजल की बचत होती है। जल संरक्षण की दिशा में व्यापक कार्य करते हुए बारिश के जल को भी संजय करने की योजना बनाई जा रही है।
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- संजय कुमार, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो, सोनीपत
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