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Sonipat News: ग्रामीणों ने बूस्टिंग स्टेशन के बाहर दिया सांकेतिक धरना, लगाए आरोप

Fri, 10 Oct 2025 01:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो 05: सोनीपत के गांव सोहटी में सांकेतिक धरना देकर प्रदर्शन करते ग्रामीण। स्रोत: पाठक - फोटो : हरख रेंज के पारा इब्राहिम गांव में तस्कर से बरामद कछुवा
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खरखौदा। गांव सोहटी में ग्रामीणों ने वीरवार को सरकारी स्कूल की जमीन पर निर्मित बूस्टिंग स्टेशन के बाहर सांकेतिक धरना दिया। आरोप है कि आरक्षित भूमिहीनों को आवंटित प्लाटों को अवैध तरीके से अपने नाम रजिस्ट्री कराकर सरकारी विभाग को अतिक्रमण करने वाला घोषित करा दिया गया। अब न्यायालय की तरफ से जमीन से कब्जा हटाने के आदेश हुए हैं।
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प्रदर्शन कर रहे राजेंद्र सिंह, कुलदीप राणा, शमशेर खत्री, जोगेंद्र, पंच ईश्वर, नवीन, समुंद्र, सतकाश, गोपाल, राजेश कुमारी, कमला देवी, पन्मेश्री, किताबो, धन्नो व शीला ने बताया कि गांव के आरक्षित भूमिहीनों को 1976 की स्कीम के तहत आवासीय प्लाॅट दिए थे। इसमें सरकार का नियम है कि इन प्लाॅटों को न किसी अन्य को बेचा जा सकता है और न ही किसी को उपहार स्वरूप भेंट किया जा सकता है।
इतना ही नहीं प्लाट धारक इन प्लाटों को किसी के पास गिरवी भी नहीं रख सकता है। संबंधित को एक वर्ष के अंदर इस पर मकान भी बनाना होगा। इन शर्तों का पालन नहीं करने पर सरकार उक्त प्लाट को वापस ले लेगी। धरना पर बैठे लोगों का आरोप है कि प्लाटों की अवैध तरीके से संदिग्ध रजिस्ट्री हुई, वहीं रजिस्ट्री धारक उक्त जमीन पर कब्जा दिलवाने के लिए न्यायालय की शरण में भी चला गया।
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आरोप है कि फर्जी पैमाइश के आधार पर स्कूल, पेयजल आपूर्ति बूस्टर, मुख्य गली को धोखाधड़ी से अपना बनाया गया है। मामले में ग्रामीणों ने बुधवार को प्रधानमंत्री, मुख्य सचिव हरियाणा सरकार, उपायुक्त, एसडीएम व एसीपी को अपनी शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी। इस पर एसडीएम डाॅ. निर्मल नागर ने नायब तहसीलदार व बीडीपीओ को मौके का निरीक्षण कर तथ्यों सहित जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।



न्यायालय ने दिए कब्जा दिलाने के आदेश

- सोहटी निवासी कविता ने सौ-सौ वर्ग गज के चार प्लाटों पर कब्जा दिलवाने के लिए न्यायालय में केस दायर किया था। जिस पर न्यायालय ने उक्त महिला को जमीन पर कब्जा दिलाने के आदेश जारी किए थे।
- प्लाट मालिक जयपाल राणा का कहना है कि उन्होंने अपनी पत्नी के नाम पर चार प्लाट वर्ष 2016 में खरीदे थे, जिनकी रजिस्ट्री तो करा ली थी लेकिन कब्जा नहीं लिया था। पैमाइश कराने पर प्लाटों का कुछ हिस्सा स्कूल में आया हुआ मिला। इस पर न्यायालय की शरण कब्जा दिलाने के लिए ली गई। उस पर हमारे हक में फैसला आया है। इस मामले में कोई धांधली नहीं है।
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