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अशोक सिंहल गिरफ्तारी से बचने के लिए आए थे सोनीपत

Wed, 18 Nov 2015 01:30 AM IST
विजेंद्र कौशिक/अमर उजाला सोनीपत
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विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक सिंहल का मंगलवार को गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। सिंघल का सोनीपत से पुराना नाता रहा है। वे आपातकाल में पुलिस से बचने के लिए कई दिन तक सोनीपत में भाजपा नेता ललित बत्रा के घर रहे।
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बत्रा ने बताया कि उस समय अशोक सिंहल आरएसएस के प्रांत प्रचारक होते थे। साथ ही रोहतक में आरएसएस का प्रदेश मुख्यालय था। 1977 में देश में आपातकाल लागू हो गया। पुलिस आरएसएस नेताओं को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही थी। बत्रा परिवार भी आरएसएस से जुड़ा हुआ था। ऐसे में अशोक सिंहल सोनीपत पहुंचे और कई दिन तक उनके घर पर रहे।

एक माह सिंहल की व्यवस्था में रहा : बत्रा ने बताया कि 1981 में दिल्ली में आरएसएस का संघ शिक्षा वर्ग का शिविर लगा। उस समय मेरी उम्र करीब 21 साल थी और हिंदू कॉलेज में पढ़ता था। मैं भी शिविर में पहुंचा। वहां वर्ग प्रबंधक की ड्यूटी मिली, जबकि अशोक सिंहल वर्ग अधिकारी के तौर पर कार्यरत थे।
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1993 में सोनीपत में हुआ था सिंहल का सम्मान
पूरे देश में विश्व हिंदू परिषद की ओर से सम्मान समारोह आयोजित किए जा रहे थे। 24 दिसंबर 1993 को श्रीराम नागरिक अभिनंदन समिति व हिंदू एकता मंच की ओर से शंभू दयाल स्कूल के मैदान में विहिप के उस समय राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंहल का अभिनंदन करने के लिए समारोह आयोजित किया गया।

विकास मंगला ने बताया कि कार्यक्रम में स्वामी दयानंद सरस्वती मुरथल वाले, प्रदेश संघ प्रचारक प्रेम गोयल, डॉ. बजरलाल गुप्ता व शहर से पूर्व विधायक देवीदास, उनके ताऊ स्व. हरिकिशन मंगला, डॉ. बिजेंद्र जैन, डॉ. गणपत राय, डॉ. रामलाल भी मौजूद थे।

आज भी याद है सिंहल की गंभीरता  
तीन बार सोनीपत शहर से विधायक रहे 90 वर्षीय देवीदास का कहना है कि अशोक सिंहल बेहद गंभीर व्यक्ति थे। देश की उन्हें काफी चिंता रहती थी। जब वे सोनीपत आए, तब कई गंभीर विषयों पर बातचीत हुई। देवीदास ने कहा कि सिंहल के साथ यादें तो बहुत जुड़ी हैं, लेकिन अब ज्यादा उम्र होने के कारण यादाशत जवाब दे गई है।
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