भाजपा सरकार द्वारा गन्नौर के विकास को लेकर की गई अनदेखी के खिलाफ मंगलवार को विधानसभा के पूर्व स्पीकर एवं स्थनीय विधायक कुलदीप शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने एसडीएम कार्यालय परिसर में सांकेतिक धरना दिया।
इससे पूर्व कुलदीप शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जुलूस निकाला। कुलदीप शर्मा ने कहा कि हमने एक साल इंतजार किया कि सरकार गन्नौर में कोई विकास कराए, लेकिन सरकार ने गन्नौर को प्रदेश के नक्शे से ही निकाल दिया है।
गन्नौर की जनता के साथ विकास के मामले में भेदभाव किया जा रहा है। जल्द विकास कार्य शुरू नहीं हुए तो सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ा जाएगा।
एसडीएम कायार्भलय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कुलदीप शर्मा ने कहा कि गन्नौर में पहली बार लोग स्ट्रीट लाईटें बंद होने के कारण काली दिवाली मनाने को मजबूर हुए। उन्होंने सरकार को चेताया कि कहा कि ये उनका सांकेतिक धरना था, परंतु यदि जल्द ही गन्नौर में विकास कार्य शुरू नहीं किए गए तो वे सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू करेंगे।
इसके बाद कुलदीप शर्मा ने गन्नौर के बंद पड़े विकास कार्यों को जल्द शुरू करवाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कार्यकारी एसडीएम सुधांशु गौतम को मांगपत्र सौंपा। इस मौके पर कांग्रेस नेता सत्यप्रकाश शर्मा, विनोद धनखड़, रणधीर मलिक, एनडी भारद्वाज, सुरेश भूटानी, जोगेंद्र शर्मा ठेकेदार, सतेंद्र पंघाल, मनीराम नंबरदार, सुरेंद्र बैरागी आदि कार्यकर्ता मौजूद थे।
गन्नौर से चुनाव लड़कर दिखाएं जैन, विज को गंभीरता से नहीं लेता
कुलदीप शर्मा ने कहा कि भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव जैन ने गन्नौर में 50 करोड़ के विकास कार्य कराने का दावा किया है। यदि ऐसा है तो गन्नौर की जनता के बीच आकर विकास कार्यों का ब्यौरा दें कि कहां-कहां विकास कराया है। विधायक ने कैबिनेट मंत्री अनिल विज द्वारा विपक्ष को असुर की संज्ञा देने पर कहा कि वे अनिल विज की मानसिक स्थिति को देखते हुए उनकी किसी भी बात को गंभीरता से नहीं लेते।
ज्ञापन में विधायक द्वारा की गई मांगे
मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में विधायक कुलदीप शर्मा ने शहर में बंद पड़ी स्ट्रीट लाईटों को चालू करवाने, क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को सुचारू करने, कांग्रेस राज में जिले के एकमात्र मॉडल संस्कृति स्कूल की जर्जर हालत को देखते हुए स्कूल को शिफ्ट करने की योजना शुरू की थी जिसके लिए जमीन भी दी चुकी थी, लेकिन भाजपा सरकार बनने के बाद वहां काम बंद पड़ा है उसे शुरू करवाने, स्वास्थ्य सेवाएं दुरूस्त करने, क्षतिग्रस्त गलियों व सड़कों का निर्माण करवाने, गांव व शहर में विकास कार्य कराने के लिए ग्रांट देने जैसी विभिन्न मांगे शामिल हैं।