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अयोध्या मामले में फैसले के बाद धारा 144 लगाई, जिलेभर में पुलिस मुस्तैद, 10 ड्यूटी मजिस्ट्रेट किए नियुक्त

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गोहाना में सुरक्षा को तैनात पुलिस कर्मी। - फोटो : Sonipat
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सोनीपत। अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जिलेभर में सुरक्षा कड़ी कर दी है। प्रशासन ने जिले में धारा 144 लगा दी है। साथ ही पुलिस को मुस्तैद कर दिया गया है। डीसी ने जिले को 10 सेक्टर में बांटकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिए हैं। प्रशासन व पुलिस के अलावा सामाजिक संगठन भी भाईचारा कायम रखने की दिशा में जुट गए हैं। सभी फैसले को संतुलित बताने के साथ ही माहौल सौहार्दपूर्ण बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।
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अयोध्या मामले में फैसला आने से पहले ही सामाजिक संगठनों ने शांति व भाईचारा कायम रखने के लिए जिले में अपने स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए थे। इसके साथ ही प्रशासन ने न केवल सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ा दी है, बल्कि एहतियात के तौर पर शहर में सुरक्षा की दृष्टि से चहल-पहल बढ़ा दी है। फैसले के तुरंत बाद कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए डीसी डॉ. अंशज सिंह ने धारा 144 लागू करने के आदेश दिए। इसमें सार्वजनिक स्थलों पर पांच या इससे अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध रहेगा। कोई भी व्यक्ति हथियार लेकर नहीं चल सकता। आदेशों की अवलेहना करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीसी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को शांति भंग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
कहां कौन डयूटी मजिस्ट्रेट किए गए तैनात
जिला मजिस्ट्रेट डॉ. अंशज सिंह ने सर्वोच्चय न्यायालय द्वारा अयोध्या विवाद में निर्णय दिए जाने के बाद शांति बनाए रखने के लिए डयूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए हैं। एसडीएम विजय सिंह को थाना सिटी व सिविल लाइन क्षेत्र, एमडी शुगर मिल सोनीपत अश्वनी कुमार को थाना सदर सोनीपत व मोहाना थाना क्षेत्र, एसडीएम गोहाना अशीष कुमार को थाना सदर, थाना सिटी गोहाना व बरोदा थाना क्षेत्र, अमरदीप जैन सीईओ जिला परिषद को थाना राई व कुंडली, एसडीएम गन्नौर स्वपनिल रविंद्र पाटिल को थाना गन्नौर व थाना एचएसआईआईडीसी बड़ी व थाना मुरथल क्षेत्र में और श्वेता सुहाग एसडीएम खरखौदा को थाना खरखौदा क्षेत्र में ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है।
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डीएसपी व थाना प्रभारी कर रहे लगातार गश्त
अयोध्या मामले में शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है। एसपी प्रतीक्षा गोदारा के निर्देश पर अधिकारियों ने गश्त करके लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। दूसरी तरफ सुरक्षा के मद्देनजर मुख्य चौकों पर पुलिस कर्मी भी तैनात कर दिए गए हैं। पुलिस टीमों ने दौरा करके सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। क्षेत्र के प्रबुद्ध व बुद्धिजीवी लोगों से मुलाकात भी की और क्षेत्र में शांति बनाए रखने में सहयोग की अपील की। दूसरी तरफ शहर क्षेत्र में प्रमुख चौकों पर पुलिस कर्मी भी तैनात कर दिए गए हैं। पुलिस लोगों की गतिविधियों पर भी नजर रख रही है।
हर वर्ग ने किया सुप्रीम फैसले का स्वागत
सुप्रीम कोर्ट का फैसला संतुलित और ऐतिहासिक है। पूरे देश ने कोर्ट के फैसला का स्वागत किया है। यह किसी पक्ष की हार या किसी पक्ष की जीत का मामला नहीं है। सभी लोगों को आपसी भाईचारे से देश को आगे बढ़ाने वाले कदम उठाने चाहिए। सभी लोगों से आह्वान है कि फैसले का सम्मान करें और शांति बनाए रखें।
मोहनलाल बड़ौली, राई विधायक।
निर्णय सर्व समावेशी व सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने वाला
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्णय पूरी तरह से संतुलित है। इसका सभी को स्वागत किया जाना चाहिए। फैसला सर्व समावेशी व सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने वाला है। अयोध्या मामले पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया फैसला ऐतिहासिक है। इससे देश का सामाजिक ताना-बाना मजबूत होगा। सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ द्वारा आस्था की बजाय, साक्ष्यों, तथ्यों पर आधारित फैसला सुनाया गया है।
कविता जैन, पूर्व महिला एवं बाल विकास मंत्री
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला विश्व हिंदू-मुस्लिम सौहार्द के नए युग का साक्षी बनेगा। हिंदू मुस्लिम भाईचारा कायम होगा। सभी को मिलकर मंदिर व मस्जिद के निर्माण को पहल करनी चाहिए। देश में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल कायम होगी। यह फैसला सभी के लिए बेहतरीन है।
महामंडलेश्वर स्वामी जसमेर कल्याणकारी।
सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले में अपना फैसला दिया है। फैसला पुरातत्व विभाग के सर्वे को आधार बनाकर लिया गया। मानव अधिकार संरक्षण संघ सभी देशवासियों से अपील करता है कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय का सम्मान करे। किसी भी प्रकार की धार्मिक व सांप्रदायिक अफवाह से बचें और इनको रोकने का भी प्रयास करें। फैसले से किसी की हार-जीत नहीं हुई है। भाईचारे को बनाए रखने के लिए शांतिपूर्ण एवं सद्भाव का माहौल बनाएं रखें।
जयबीर गहलावत, राष्ट्रीय अध्यक्ष, मानव अधिकार संरक्षण संघ
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से अयोध्या में राम मंदिर के साथ-साथ मस्जिद बनने का रास्ता भी साफ हो गया है। एक धर्मनिरपेक्ष देश में इससे अच्छा फैसला इस मुद्दे पर नहीं किया जा सकता था। सुप्रीम कोर्ट का फैसला सर्वमान्य है और लोगों को इसे मन से स्वीकार करना चाहिए। हिंदू और मुस्लिम हमेशा से देश में प्रेम के साथ रहे हैं, इस बार भी ऐसा ही होगा।
मोहन सिंह मनोचा, प्रधान, जन सेवा जागृति मंच
सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला किया है इससे देश में आपसी भाईचारा बढ़ेगा। अयोध्या में राम मंदिर बनेगा और मस्जिद का भी निर्माण होगा। सभी भारतीयों को इस फैसले को दिल से स्वीकार करने की आवश्यकता है। कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को जहां पांच एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का फैसला दिया है, वहीं सरकार को ट्रस्ट बनाकर मंदिर के निर्माण करने का आदेश दिया है।
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ऊषा भंडारी, समाजसेवी
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