फोटो : सोनीपत की वर्धमान सोसाइटी में बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन करते रेजिडेंट। स्रोत: पाठक
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सोनीपत। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से वर्धमान सोसाइटी में 27.93 लाख रुपये का पानी का बिल भेज गया है। वहां सोसाइटी को संचालित कर रही स्टैंडर्ड फैसिलिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस मिलने के बाद सर्विस प्रोवाइडर ने रेजिडेंट ने पानी के बिल वसूली के नोटिस भेजने शुरू कर दिए।
इससे गुस्साए रेजिडेंट ने वीरवार शाम एकत्रित होकर इन नोटिसों का विरोध किया और बिल्डर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उनका कहना है कि उनसे सर्विस प्रोवाइडर करने से पहले पैसा दिया जाता है तो अब किस तरह की अवैध वसूली है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
किरनण, मानसी, शालू, अंजू, दिनेश, रीतू, कृष्ण, नेहा, ओमकार का कहना है कि बिल्डर की ओर से वर्षों पुराना पानी का बकाया अब वर्तमान फ्लैट मालिकों से जबरन वसूला जा रहा है जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण और गैरकानूनी है। उन्होंने कहा कि कहा कि उन्होंने फ्लैट खरीदते समय सभी निर्धारित शुल्क पहले ही जमा कर दिए थे। अब बिल्डर अपनी पुरानी देनदारी को वाटर रिकवर और के नाम पर निवासियों पर डाल रहा है।
लोगों ने आरोप लगाया कि यदि यह राशि जमा नहीं की गई तो पानी जैसी मूलभूत सुविधा बंद करने की चेतावनी दी जा रही है जो सीधा मानसिक दबाव और जबरन वसूली का मामला है। लोगों ने कहा कि बिल्डर की गलती और पुराने बकाये की सजा आम जनता को क्यों भुगतनी पड़े। रेजिडेंट ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की।
उनका कहना है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो। निवासियों ने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से धरना-प्रदर्शन और कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।