सोनीपत। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए सरकार ने लॉकडाउन लगाया हुआ है, लेकिन उसके बाद भी लोग बिना कारण घर से बाहर निकल रहे हैं, जिनको रोकने के लिए पुलिस अभी तक केवल वाहनों के चालान काट रही थी, लेकिन अब लॉकडाउन तोड़ने वालों को अनोखी सजा देनी शुरू की गई है। शहर के सभी व्यस्त चौराहों पर पुलिस नाके लगाकर बिना कारण घर से बाहर निकलने वालों को पकड़ रही है और उनकी कोरोना जांच करवा रही है। इसके लिए पुलिस के साथ ही चौराहों पर स्वास्थ्य विभाग की टीम लगा दी गई है।
जिले में कोरोना संक्रमण ने अचानक रफ्तार पकड़ी थी और यहां सप्ताह भर पहले एक हजार तक कोरोना मरीज मिल रहे थे। कोरोना से मौत होने का सिलसिला भी लगातार जारी है। वहीं सरकार के लॉकडाउन लगाने के बावजूद लोग बिना कारण घरों से बाहर घूम रहे हैं, जिनके चालान पुलिस अभी तक काट रही थी, लेकिन अब शहर में मुख्य चौराहों पर नाके लगाकर पुलिस के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम भी तैनात कर दी गई है। जहां वाहन चालकों व पैदल जाने वालों को पुलिस रोकती है और वह घर से बाहर निकलने का कोई ठोस कारण नहीं बता पाते हैं तो उनकी कोरोना जांच कराई जाती है। शहर के महाराणा प्रताप चौक, देवीलाल चौक, कालूपुर चुंगी, विवेकानंद चौक, गीता भवन चौक पर वीरवार को ऐसे ही पुलिस ने नाके लगाए और लोगों को पकड़कर कोरोना जांच कराई। इससे कई जगह लंबी लाइन तक लग गई। इस तरह से सोनीपत में अनोखी सजा लोगों को मिल रही है।
दो हजार से ज्यादा जांच कराई, करीब 20 संक्रमित मिल चुके
कोरोना के नोडल अधिकारी डॉ. दिनेश छिल्लर ने बताया कि शहर में मुख्य चौराहों पर पुलिस के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम को कोरोना जांच के लिए लगाया गया है। इसके लिए पांच टीमें लगी हुई हैं और अभी तक 2 हजार लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। इनमें से करीब 20 संक्रमित मिले हैं। उनको आइसोलेशन सेंटर में भेजा जा रहा है, जिससे संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। वहीं जिसने तीन दिन के अंदर कोरोना जांच कराई हो और उसके पास मैसेज होता है तो उसकी जांच नहीं की जाती है।
वर्जन
लॉकडाउन तोड़ने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जा रही है और बिना कारण कोई घर से बाहर निकलता है तो उसकी कोरोना जांच भी कराई जा रही है। इसके लिए पुलिस के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम चौराहे पर तैनात है।
- डॉ. रविंद्र, डीएसपी