सोनीपत। उल्लास योजना के तहत सितंबर में परीक्षा देने वाले निरक्षरों के परीक्षा परिणाम शिक्षा विभाग ने मुख्यालय भेज दिए हैं। सितंबर में परीक्षा पास करने वाले निरक्षरों को चार माह बाद फरवरी 2026 में परीक्षा उत्तीर्ण के प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे। सर्व शिक्षा अभियान के उद्देश्य से प्रदेशभर में चलाई जा रही उल्लास योजना के तहत सोनीपत में सितंबर माह की परीक्षा के लिए 10702 निरक्षरों ने पंजीकरण करवाया था।
नेशनल ओपन स्कूल की ओर से जिला के सभी सात ब्लॉक में बनाए गए 380 केंद्रों पर 28 सितंबर को 9002 निरक्षरों ने परीक्षा में भाग लिया था। 1700 निरक्षर निजी कार्यों के चलते परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए थे। परीक्षा का मूल्यांकन करने के बाद शिक्षा विभाग ने उत्तीर्ण निरक्षरों की सूची तैयार कर मुख्यालय भेज दी है।
अधिकारियों ने बताया कि सितंबर माह में कुल 8950 निरक्षरों ने परीक्षा उत्तीर्ण की है जबकि 46 निरक्षर परीक्षा पास नहीं कर पाए हैं। अब परीक्षा में शामिल नहीं हो पाने वाले व फेल निरक्षर मार्च 2026 में होने वाली परीक्षा में भाग ले सकेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 से 5 साल की अवधि के लिए न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम के तहत उल्लास नामक केंद्र प्रायोजित योजना शुरू की थी।
योजना का प्राथमिक उद्देश्य 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को सशक्त बनाना है, जो किसी कारणवश शिक्षित नहीं हो सके। प्रदेश में कुल 9 लाख व सोनीपत में 44540 निरक्षरों को वर्ष 2027 तक शिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्हें शिक्षा का ज्ञान देकर पढ़ने-लिखने, हस्ताक्षर करने में निपुण बनाना है। वर्ष 2025-26 के शैक्षणिक सत्र में जिला के 25 हजार निरक्षरों को शिक्षित करने की योजना तैयार की गई है। संवाद
किस ब्लॉक में कितने निरक्षर हुए पास-फेल
ब्लॉक परीक्षार्थी पास फेल
गन्नौर - 1420 1419 01
गोहाना - 1614 1612 02
कथूरा - 616 614 02
खरखौदा - 1038 1026 12
मुंडलाना - 877 877 00
राई - 1067 1043 24
सोनीपत - 2370 2365 05
कुल - 9002 8956 46
वर्जन
उल्लास योजना के तहत सितंबर में हुई परीक्षा का मूल्यांकन कर लिया गया है। परीक्षा पास करने वाले निरक्षरों की सूची मुख्यालय भेज दी गई है, जिन्हें फरवरी 2026 में प्रमाणपत्र मुहैया करवाए जाएंगे। परीक्षा से वंचित या फेल हुए प्रतिभागी मार्च 2026 में होने वाली परीक्षा में अन्य प्रतिभागियों के साथ भाग ले सकेंगे। -नवीन गुलिया, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत