नेशनल हाईवे-44 पर गांव रसोई के पास न्यूज चैनल के संवाददाता की कार, मोबाइल और कैमरे लूट के मामले से पर्दा उठाते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी मूलरूप से पानीपत के गांव डिकाडला, फिलहाल शिव कॉलोनी मतलौडा का रहने वाला मोहित और पानीपत के गांव कवि का रहने वाला मंजीत है। दोनों अपने गांव वालों के साथ किसान आंदोलन में आए हुए थे। उन्होंने शराब के नशे में वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने उनसे लूटी गई कार और अन्य सामान बरामद कर लिया है।
एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि 2 फरवरी को चंडीगढ़ के फेज नंबर-2 रामदरबार के रहने वाले मनोज राठी ने कुंडली थाना पुलिस को लूट की शिकायत दी थी। मनोज राठी ने बताया था कि वह एक न्यूज चैनल में संवाददाता है। वह अपनी टीम के साथ कृषि बिल के विरोध में चल रहे आंदोलन की कवरेज के लिए आए थे। जब वह रसोई गांव में रसोई ढाबे के पास पहुंचे तो दो युवकों ने उन्हें रोक लिया था। बाद में वह उसे व फोटो जर्नलिस्ट को किसानों के कैंप में ले गए थे। कुछ देर बाद चालक सोनू ने बताया था कि दो युवक डंडे से डराकर कार लूट ले गए हैं। कार के साथ ही वह दो मोबाइल फोन, लाइव वी, माइक, चार बैटरी, कैमरा और लाइव वी फोन छीनकर ले गए थे। कुंडली थाना पुलिस ने लूट का मुकदमा दर्ज कर लिया था। लुटेरों की गिरफ्तारी को डीएसपी मुख्यालय के नेतृत्व में एसआईटी बनाई थी। जिसमें सीआईए-2 प्रभारी अनिल कुमार व सर्विलांस प्रभारी जोगेंद्र सिंह ने मोहित और मंजीत को गिरफ्तार कर लिया है। इनसे लूटी गई कार सहित सभी सामान बरामद कर लिया गया है। आरोपियों ने बताया कि वह कृषि कानून विरोधी आंदोलन में शामिल ग्रामीणों के साथ आए थे। रात को उन्होंने शराब पी थी और नशे में वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों को दो दिन रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
अन्य की संलिप्तता का पता लगाएगी पुलिस
पुलिस मामले में अन्य की संलिप्तता का भी पता लगाएगी। पत्रकारों को बातचीत के लिए कैंप में बुलाने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी। इस घटना में जिसकी भी भूमिका सामने आएगी, उसको आरोपी बनाकर कार्रवाई की जाएगी।
सीसीटीवी में कैद हुई वारदात तो आरोपियों का पता लगाने में मिली मदद
न्यूज चैनल के संवाददाता के साथ हुई लूट की वारदात एक ढाबे के बाहर लगे सीसीटीवी में कैद हो गई थी। उससे पुलिस को आरोपियों की पहचान करने में ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी। लूट के दौरान शराब के नशे में होने के कारण इनको कार में लगे जीपीएस की जानकारी जींद पहुंचने पर हुई। एसआईटी ने इन्हीं कड़ियों को जोड़कर इन्हें दबोचकर लूटा गया सामान भी बरामद कर लिया। पुलिस के अनुसार जींद तक आरोपियों का पता लगने के बाद अन्य स्थानों पर लगे सीसीटीवी खंगाले गए और आरोपियों के पानीपत की तरफ जाने का पता लगा। पानीपत में लोगों को सीसीटीवी से लिए फोटो दिखाकर आरोपियों की पहचान करने में मदद मिली और पुलिस उन तक पहुंच गई। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कार को नहर में फेंकने की तैयारी कर ली थी। लेकिन उससे पहले ही वह काबू कर लिए गए।
दसवीं कक्षा तक पढ़े हैं आरोपी, गंभीर आरोप में नहीं रहे नामजद
एसपी ने बताया कि लूट के दोनों आरोपी दसवीं कक्षा तक पढ़े हैं। उन पर पहले का कोई गंभीर अपराध अभी तक सामने नहीं आया है। पुलिस मामले में गहनता से जांच कर सके इसे लेकर उन्हें रिमांड पर लिया गया है।