सोनीपत/गन्नौर। यूपी के शामली में एसटीएफ के साथ पुलिस मुठभेड़ में मारे गए बदमाशों में सोनीपत के गांव रोहट का मंजीत व शेखपुरा का सतीश शामिल है। मंजीत गांव में अपने भाई की हत्या के मामले में नामजद रहा है। वहीं शेखपुरा का सतीश फिलहाल परिवार सहित करनाल में रहता था। उनके पिता हरियाणा पुलिस में थे और उनका निधन हो चुका है। दोनों यूपी के बदमाशों के संपर्क में कैसे आए इस बारे में ग्रामीणों को जानकारी नहीं है।
सोमवार देर रात करीब दो बजे शामली एसटीएफ के साथ बदमाशों की मुठभेड़ हो गई थी। पुलिस टीम ने बदमाशों को घेर कर आत्मसमर्पण को कहा था तो उन्होंने एसटीएफ पर गोलियां दागनी शुरू कर दी थी। इसके बाद एसटीएफ ने भी बदमाशों पर गोलियां चलाई। बताया जा रहा है कि एसटीएफ टीम के इंस्पेक्टर सुनील को पेट में गोली लगने के बाद टीम ने बचाव में फायरिंग की तो रोहट निवासी मंजीत व शेखपुरा निवासी सतीश और उसके साथी मारे गए। चारों बदमाश मुस्तफा कग्गा गैंग के बताए जा रहे हैं।
मुठभेड़ में मारा गया गांव रोहट निवासी मंजीत अपने भाई की हत्या में नामजद रहा है। मंजीत पांच भाई-बहनों में तीसरा नंबर का था। उसके बड़े भाई राजेश की 9 अगस्त, 2021 को हत्या हुई थी। उससे बड़ी एक बहन आशा व दो छोटी बहन रेनू व गुड्डी हैं। तीनों बहन शादीशुदा है। भाई राजेश की हत्या पहले मंजीत ने ही खुद मुकदमा दर्ज करा अपने बहनोई पर भाई की हत्या का आरोप लगाया था। इसमें पुलिस ने पर्दा उठाया था कि आरोपी मंजीत ने मां की बीमा राशि के दो लाख रुपये हड़पने के लिए अपने बड़े भाई पर हमला किया था। इसमें उसकी मौत हो गई थी। जीजा पर हत्या का झूठा आरोप लगा दिया था। हत्या में आरोपी जेल में चला गया था। वह मामले में दिसंबर, 2024 को अंतरिम जमानत पर बाहर आया था। वह यूपी के बदमाशों के संपर्क में कैसे आया इसे लेकर ग्रामीण पूरी तरह अनभिज्ञ है। गांव में मंजीत के घर पर उनकी ताई रहती है।
सतीश का नहीं था आपराधिक रिकार्ड
शामली में मुठभेड़ में मारे गए सतीश का पैतृक गांव शेखपुरा है। सतीश के पिता हरियाणा पुलिस के सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक थे। वह करीब 40 वर्ष पहले अपने परिवार सहित करनाल में जाकर रहने लगे थे। सतीश का जन्म भी करनाल में हुआ था। उसके पिता की बीमारी के चलते वर्ष 2017 में मौत हो गई थी। अब सतीश की मौत के बाद उसकी मां रजवंती और दो बहन के साथ उसका भाई नरवीर है। शादीशुदा नरवीर भी अपने परिवार के साथ करनाल में ही रहते हैं। नरवीर की पत्नी रीना फाइनेंस कंपनी में काम करती है। सतीश की मौत की खबर गांव के लोग भी हैरान हैं। गांव के सरपंच कर्मबीर के अनुसार सतीश के दादा लख्मी बिजली निगम में कार्यरत थे और उसके पिता हरियाणा पुलिस में नौकरी करते थे। 40 साल से गांव में उनका कम ही आना-जाना हुआ है। इस वजह से गांव के लोगों का उनसे अब ज्यादा मेलजोल नहीं रहा। मृतक सतीश का किसी आपराधिक वारदात में नाम नहीं आया था। पुलिस रिकार्ड के अनुसार उस पर किसी भी थाने में कोई मुकदमा दर्ज नहीं है।
फोटो 19- सतीश का फाइल फोटो।
फोटो 19- सतीश का फाइल फोटो।