सोनीपत। फसल अवशेष में आग की घटनाएं लगातार सामने आने पर सख्त कदम उठाते हुए कृषि विभाग ने दो पर्यवेक्षकों को निलंबित कर दिया है। कृषि एवं किसान वेलफेयर विभाग के निदेशक ने पत्र जारी कर निलंबन के आदेश जारी किए हैं। कृषि अधिकारियों का कहना है कि फसल अवशेष या पराली में आग लगाने की घटनाओं पर किसी प्रकार की ढिलाई नहीं होने दी जाएगी।
कृषि उप निदेशक डॉ. पवन शर्मा ने जिले के जिन क्षेत्रों में आग लगाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही थी, उनमें तैनात किए गए तीन पर्यवेक्षकों को पांच दिन पहले नोटिस जारी किए थे। नोटिस मिलने के तीन दिन के अंदर अपनी स्थिति स्पष्ट करने के आदेश दिए गए थे। निर्धारित समयावधि में स्थिति स्पष्ट नहीं करने पर दो पर्यवेक्षकों को निलंबित किया गया। इनमें कृषि विभाग के सोनीपत कार्यालय में कार्यरत पर्यवेक्षक नितिन व गन्नौर कार्यालय में कार्यरत पर्यवेक्षक किरण शामिल हैं।
सेटेलाइट से अब तक मिल चुकी आग की 40 लोकेशन
जिले में किसानों ने करीब एक लाख हेक्टेयर भूमि में धान की फसल उगाई है। वर्तमान में अधिकतर क्षेत्रों में धान कटाई का कार्य किया जा रहा है। ऐसे में कटाई के बाद खेत खाली करने के लिए फसल अवशेष में आग लगाने की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं, जिन्हें रोकने के लिए सेटेलाइट से खेतों में नजर रखी जा रही है। कृषि विभाग को सेटेलाइट से अब तक आग की 40 लोकेशन मिली हैं। भौतिक सत्यापन के बाद 11 स्थानों पर ही आग की पुष्टि हुई है। आठ किसानों पर 20 हजार रुपये जुर्माना किया गया है, जबकि छह किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पांच को गिरफ्तार किया है, जिन्हें जमानत मिल गई थी। कृषि विभाग ने टीमों का गठन भी किया है, जो लोकेशन प्राप्त होते ही भौतिक सत्यापन करने के लिए पहुंच रही हैं।
वर्जन
फसल अवशेष या पराली में आग की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं। जिन क्षेत्रों में आग की घटनाएं सामने आई थीं, उन क्षेत्रों में कार्यरत दो पर्यवेक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। इन्हें पहले नोटिस जारी कर तीन दिन में स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए थे।-डॉ. पवन शर्मा, उप निदेशक, कृषि विभाग, सोनीपत।