सोनीपत। बहालगढ़ के आस मोहम्मद हत्याकांड में पुलिस ने दो और आरोपी गिरफ्तार किए हैं। इनमें एक हत्याकांड के खुलासे के बाद मुठभेड़ में घायल समीर है तो दूसरा आस मोहम्मद का सौतेला ससुर राजेश है। राजेश पर आरोप है कि उसने झूठी कहानी रचकर हत्या आरोपियों को बचाने की कोशिश है।
वीरवार को पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया तो उनको वहां से जेल भेज दिया गया। बता दें कि करीब साढ़े 3 महीने पहले बहालगढ़ में 12 सितंबर को उत्तर प्रदेश के जिला बागपत के गांव निवाड़ा निवासी आस मोहम्मद का अधजला शव मिला था।
मृतक की पहचान नहीं होने पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया था। इस मामले में 1 जनवरी को हत्याकांड से पर्दा उठा था।
कुंडली क्राइम यूनिट ने मुरथल क्षेत्र में मुठभेड़ के बाद ईदगाह कॉलोनी निवासी साजिद को गिरफ्तार किया था। पैर में गोली लगने के चलते उसका भाई समीर खानपुर में उपचाराधीन था। वहां से छुट्टी मिलने के बाद वीरवार शाम को मुरथल पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया है।
दोनों भाइयों पर आस मोहम्मद उर्फ आशू की हत्या कर शव को जलाने का आरोप है। दोनों ने वारदात कबूल ली है। जांच के मुताबिक आस मोहम्मद को अपनी पत्नी शबाना और उसके जीजा समीर के अवैध संबंधों का पता चला तो हत्या की साजिश रची गई।
आस मोहम्मद को बहालगढ़ में एक धार्मिक स्थल के पास बुलाया था। वहां शराब पिलाने के बाद समीर ने पेचकस से हमला कर हत्या कर दी थी। सबूत मिटाने के लिए समीर ने पहले से ही पेट्रोल साथ लेकर आया था। शव पर डालकर आग लगा दी थी। पुलिस ने इस मामले में साजिद के अलावा आस मोहम्मद की पत्नी शबाना, शबाना की मां हलीमा को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
उधर, वीरवार को आस मोहम्मद के सौतेले ससुर राजेश काे भी पुलिस ने गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया है।
बता दें कि हत्याकांड का राज खुलने के अगले दिन राजेश ने लघु सचिवालय पहुंचकर यह कहते हुए जहर पी लिया था कि मेरे परिवार वाले मेरे दामाद की हत्या क्यों करेंगे। आत्महत्या की कोशिश के बाद से राजेश अस्पताल में उपचाराधीन था।