गोहाना के सामान्य अस्पताल में दो माह के बच्चे की टीकाकरण से मौत के मामले में जांच की मांग करते
- फोटो : बिजली कर्मियों ने दूसरे दिन ठप रहा कामकाज
गोहाना । गांव हसनगढ़ में दो माह के बच्चे की टीकाकरण के बाद मौत हो गई। परिवार ने पुलिस को शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। टीकाकरण के बाद अचानक तबीयत बिगड़ने से हुई मौत के असल कारण का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद होगा।
बंटी ने बताया कि सुबह गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम टीकाकरण के लिए पहुंची। उनकी मां सावित्री दो माह के बेटे हर्षित को टीकाकरण के लिए लेकर गई थी। स्वास्थ्य कर्मियों ने हर्षित को डीटीपी का इंजेक्शन लगाया। टीकाकरण के बाद घर लौटते वक्त रास्ते में हर्षित की तबीयत अचानक बिगड़ गई। कुछ ही देर में वह बेसुध हो गया।
बताया जा रहा है कि घबराई दादी बच्चे को दोबारा आंगनबाड़ी केंद्र पर ले गई। वहां मौजूद स्टाफ ने उसे तुरंत अस्पताल ले जाने की सलाह दी। घर वाले बच्चे को पहले दो निजी अस्पताल लेकर गए। वहां से डॉक्टरों ने बच्चे को सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया। जब वह बच्चे को लेकर गोहाना नागरिक अस्पताल पहुंचे तो हर्षित को मृत घोषित कर दिया गया।
बंटी के मुताबिक चिकित्सक ने प्राथमिक जांच में श्वास नली में बलगम जमा होने से बच्चे की मौत की आशंका जताई है। मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। नागरिक अस्पताल से शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भगत फूल सिंह राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है। उधर, बंटी ने पुलिस को शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।
गोहाना स्थित सामान्य अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश छिल्लर और डिप्टी एसएमओ अवकाश पर हैं। इस बारे में खानपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. जगदीश दुरेजा से संपर्क करने पर उन्होंने कॉल को डिस्कनेक्ट कर दिया। इसके बाद जब सोनीपत की सिविल सर्जन डॉ. ज्योत्सना से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ऐसा कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इसको चेक करवाती हूं।