राई। एचएसआईआईडीसी राई स्थित रबड़ बेल्ट फैक्टरी में लगी आग में मदद के दौरान झुलसे राई औद्योगिक मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के प्रधान राकेश देवगन और फैक्टरी के कर्मचारी की चार दिन बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। राकेश देवगन जहां दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जिंदगी की जंग हार गए तो श्रमिक ने पीजीआई रोहतक में दम तोड़ दिया। राकेश देवगन की मौत से सोनीपत के उद्योग जगत को झटका लगा है। उद्योगपतियों में मायूसी है।
राई औद्योगिक क्षेत्र में 28 मई को सांवरिया एक्सपोर्ट कंपनी में आग लग गई थी। इसमें फैन बेल्ट बनाने का काम होता था। आग लगने की सूचना के बाद राई इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के प्रधान राकेश देवगन भी मदद के लिए मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान वहां पर सॉल्वेंट केमिकल में ब्लास्ट हुआ था। राकेश देवगन भी बुरी तरह झुलस गए थे। उन्हें बहालगढ़ के निजी अस्पताल में पहुंचाया गया था। जहां से उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था।
वह 90 प्रतिशत तक जल गए थे। अब शुक्रवार रात करीब 12 बजे उनकी मौत हो गई। शनिवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया। विधायक सुरेंद्र पंवार, विधायक मोहनलाल बड़ौली, पूर्व मंत्री कविता जैन, भाजपा नेता माईराम कौशिक, संजय सिंगला व उद्योगपतियों ने उनकी मौत पर शोक जताया।
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पीजीआई में श्रमिक ने तोड़ा दम
फैक्टरी में आग की घटना में यूपी के जिला अमेठी के गांव दही पुरवा के श्रमिक दिनेश भी झुलस गए थे। इन्हें रोहतक पीजीआई में उपचार दिया जा रहा था। शनिवार को उपचार के दौरान दिनेश की भी मौत हो गई। उनके शव का रविवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
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बेटे की शादी की तैयारियों में जुटे थे देवगन
राकेश देवगन के बेटे पारस देवगन की वंशिका के साथ 9 जनवरी को सगाई हुई थी। शादी अब 7 दिसंबर की तय हुई थी। राकेश देवगन व उनकी पत्नी सीमा देवगण अब बेटे की शादी की तैयारी में जुटे हुए थे। राकेश की बेटी पारुल भी अपने भाई की शादी के लिए खरीदारी कर रही थी। अचानक से राकेश देवगन की मौत से परिवार में मातम छा गया। राकेश देवगन वर्ष 2005 से राई औद्योगिक एसोसिएशन के प्रधान थे। साथ ही चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रधान भी थे। साथ ही आर्ट ऑफ लिविंग, रोटरी क्लब मिडटाउन से भी जुड़े थे। उन्होंने कोरोना संक्रमण के दौरान संक्रमितों को मुफ्त ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध कराए थे। साथ ही उनके बेटे पारस देवगन ने कुंडली में दुष्कर्म पीडि़ता की मदद करने को उनका मुकदमा बिना किसी फीस के लिए लड़ा था। चार दोषियों को फांसी के फंदे तक ले जाने में पीड़ित परिवार की मदद की थी।
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फैक्टरियों में व्यवस्था पर सवाल, सुधार की मांग
रबड़ बेल्ट फैक्टरी समेत लगातार कई फैक्टरियों में आगजनी की घटनाओं और इसमें होने वाले जानमाल के नुकसान से लोग स्तब्ध हैं। राई गांव की पूर्व सरपंच कमला देवी ने दो टूक कहा है कि जो फैक्टरियां छोटे प्लाटों में चल रही हैं, उनके भीतर ही बॉयलर भी लगे हैं। यह बेहद खतरनाक साबित हो रहे हैं। यह व्यवस्था बदलनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि कई फैक्टरी में श्रमिकों को अंदर ही रहने के लिए आवास उपलब्ध कराए गए हैं। आग लगने की स्थिति में उनकी जान पर भी आफत आ जाती है। आवास फैक्टरी से अलग होने चाहिए। उन्होंने कहा कि इसे लेकर सभी ग्रामीण एकजुट होकर कार्रवाई की मांग करेंगे।