गन्नौर। हथिनीकुंड बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के चलते यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर गन्नौर क्षेत्र के गांवों खासकर पबनेरा और बेगा घाट पर दिखाई दे रहा है। पानी का बहाव तेज होने से खेतों में खड़ी फसलें, ट्यूबवेल और खंभे तक बह चुके हैं। अब तक पबनेरा गांव की करीब 40 एकड़ उपजाऊ भूमि यमुना में समा चुकी है।
सोमवार को हालात का जायजा लेने पहुंचे विधायक देवेंद्र कादियान ने एसडीएम प्रवेश कादियान, सिंचाई व राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ पबनेरा और बेगा घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की और भरोसा दिलाया कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नदी किनारे लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जाए।
तेज कटाव के चलते किसानों की धान, ईंख और सब्जियों की फसलें तो पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। साथ ही ट्यूबवेल व खंभे भी पानी में समा गए हैं। किसान इंद्र की एक एकड़, तारा चंद की चार एकड़, ब्रह्मा की एक एकड़, रामदिया की दो एकड़ और बिट्टू की करीब 10 एकड़ जमीन कटाव की भेंट चढ़ चुकी है।
बिट्टू के तीन ट्यूबवेल और लगभग 10 खंभे भी बह गए हैं। कुछ दिन पहले तक नुकसान लगभग 25 एकड़ था, लेकिन अब यह बढ़कर 40 एकड़ तक पहुंच चुका है। किसानों का कहना है कि हर साल यमुना का बहाव उनकी जमीन को काट लेता है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं निकला। इस बार हालात पहले से ज्यादा खतरनाक हैं। ग्रामीणों ने विधायक और प्रशासन से स्थायी तटबंध बनाने की मांग की है।
-स्थायी समाधान की मांग
वर्ष 2011 से अब तक यमुना के कटाव से लगभग 200 एकड़ उपजाऊ भूमि बह चुकी है। वर्ष 2011 और 2023 में भी यमुना का जलस्तर बढ़ने से भारी नुकसान हुआ था। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द स्थायी तटबंध नहीं बनाए गए तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। किसानों ने कहा कि ठोकरें या पुख्ता तटबंध बनाने की मांग कई बार उठाई जा चुकी है। उन्होंने सहकारिता मंत्री डाॅ. अरविंद शर्मा को भी मांग पत्र दिया था, लेकिन ठोस कदम अब तक नहीं उठाए गए।
- प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
एसडीएम प्रवेश कादियान ने बताया कि यमुना किनारे बसे गांवों में मुनादी करवा दी गई है। जिससे लोग सतर्क रहें। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। ग्रामीणों को भी ठीकरी पहरा लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कोई व्यक्ति या पशु यमुना की ओर न जाए। प्रशासन का दावा है कि नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
फोटो 24: सोनीपत के गांव पबनेरा घाट पर यमुना नदी में जलभराव की स्थिति का जायजा लेते विधायक देवें