गन्नौर। बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में संचालित फैक्टरी के प्रवाह उपचार संयंत्र (ईटीपी) से निकलने वाले पानी की जांच में अनियमितताएं सामने आई हैं। ट्रीटेड पानी जांच में खरा नहीं उतरने पर प्रदूषण नियंत्रण कंट्रोल बोर्ड ने बड़ी औद्योगिक क्षेत्र की 113 फैक्टरियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
प्रदूषण विभाग के एसडीओ रविंद्र यादव ने बताया कि अगस्त 2024 में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीम ने बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरी से ट्रीट होकर निकल रहे पानी के नमूने लिए थे। जांच में सामने आया है कि कई फैक्टरी से निकलने वाला पानी निर्धारित प्रदूषण मानकों पर खरा नहीं उतर रहा है। इन फैक्टरी में लगाए गए ट्रीटमेंट प्लांट प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रहे हैं, जिससे उनके प्लांट से निकलने वाला पानी तय मानकों से अधिक प्रदूषित पाया गया है। जबकि कई फैक्टरी के ट्रीटेड पानी में प्रदूषण का स्तर निर्धारित सीमा से काफी कम पाया गया है। संदेह है कि दूषित पानी में स्वच्छ पानी मिलकर आने की वजह से प्रदूषण का स्तर कम आया है। ऐसे में निर्धारित मानकों पर खरा न उतरने वाली सभी 113 फैक्टरी संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
उद्योगपतियों ने कहा, जल्द देंगे जवाब
एसडीओ रविंद्र यादव ने कहा कि संतोषजनक जवाब नहीं देने पर पर्यावरण मानकों का उल्लंघन करने वाली फैक्टरी पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। उनके खिलाफ जुर्माना, संचालन निलंबन या अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जिन 113 फैक्टरी को नोटिस भेजा है, उनसे जल्द जवाब मांगा गया है। वहीं मामले में बीआईएमए एसोसिएशन के प्रधान अमित गोयल ने बताया कि उन्हें विभाग की तरफ से नोटिस मिला है जिसका वह जल्द जवाब देंगे।